सोशल मीडिया पर मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर अहमद जावेद का एक फोटो वायरल हुआ है. इस फोटो के साथ दावा किया जा रहा है कि 'एक रुपये के वेतन के साथ छत्तीस वर्षों तक पुलिस विभाग में काम किया सच्चे देश भक्त माननीय जावेद अहमद'.
क्या है दावा
फेसबुक यूजर 'IAS Ansar Shaikh FC' ने अहमद जावेद का फोटो डालते हुए मराठी में लिखी एक लंबी पोस्ट में दावा किया है कि 1980 बैच के पुलिस अधिकारी जावेद अहमद छत्तीस वर्षों तक एक रुपये वेतन लेकर काम करते रहे.
स्टोरी लिखे जाने तक इस पोस्ट को 200 से ज्यादा लोगों ने शेयर किया और 3400 से अधिक लोगों ने लाइक किया है. पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
कुछ और फेसबुक यूजर्स ने भी फोटो शेयर करते हुए यही दावा किया है.
क्या है सच्चाई
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि ये दावा गलत है. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर अहमद जावेद ने 2016 में एक अखबार को दिए इंटरव्यू में इस बात का खंडन किया था.
AFWA ने अपनी पड़ताल में पाया कि 2015 में जब अहमद जावेद मुंबई पुलिस कमिश्नर बने थे, तब एक अखबार ने सूत्रों पर आधारित एक रिपोर्ट उनके बारे में लिखी थी. इस रिपोर्ट में लिखा गया था कि अहमद जावेद तनख्वाह के रूप में सिर्फ एक रुपये लेते हैं और बाकी बची रकम वे पुलिस फंड में दान कर देते हैं. इस बात को कुछ अन्य वेबपोर्टल ने भी छापा था.
हालांकि 2016 में जब अहमद जावेद मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से सेवानिवृत्त हो रहे थे, तब उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में इस बात को एक अफवाह बताया था.
अखबार के अनुसार, अहमद जावेद उस शख्स को ढूंढ रहे हैं जिसने इस अफवाह को शुरू किया था. अहमद जावेद ने कहा था, 'मेरे करियर में कई बारे ये मुझसे पूछा गया है. मैं बस इतना ही कहूंगा कि वेतन के रूप में सरकार की ओर से जो कुछ भी है, मैं उसे लेता हूं.'