सीबीआई का जारी विवाद एनडीए सरकार और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच बड़ी राजनीतिक जंग का केंद्र बनता जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई के ताजा घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले के लिए राफेल मुद्दे को जोरशोर से उठाना शुरू कर दिया है.
राहुल ने पीएम मोदी पर पहले सोशल मीडिया के जरिए प्रहार किया. गुरुवार को फिर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए तीखा हमला किया. शुक्रवार को इसी मुद्दे पर उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर उतर कर दबाव बढ़ाने की कोशिश की ओर गिरफ्तारी तक दी.
देश में राजनीतिक पारा ऊपर चढ़ने का अहसास क्या सरहद पार पाकिस्तान तक हुआ? फेसबुक पर राइट विंग झुकाव वाले पेज ‘द फ्रस्ट्रेटेड इंडियन’ने दावा किया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने सीबीआई पर राहुल गांधी की पोस्ट को रीट्वीट किया.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया. ये पाकिस्तान सरकार का कोई आधिकारिक हैंडल नहीं था बल्कि ये पाकिस्तान में किसी डिफेंस और मिलिट्री फोरम का ट्विटर हैंडल था जिसने राहुल गांधी की पोस्ट को रीट्वीट किया था.
जब सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया और उनकी जगह नागेश्वर राव को लाया गया तो राहुल गांधी ने ट्वीट किया.
PM removed the CBI Director to stop him from investigating Rafale.
Mr 56 broke the law when he bypassed CJI & LOP.
Mr Modi, Rafale is a deadly aircraft with a superb radar. You can run, but you can't hide from It.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 24, 2018
एक दिन बाद गुरुवार को खुद को राइट विंग पेज बताने वाले द फ्रस्ट्रेटेड इंडियन ने दावा किया-‘देखो कैसे पाकिस्तान डिफेंस का आधिकारिक ट्विटर हैंडल राहुल भाई को रीट्वीट कर रहा है.’साथ ही ‘पाकिस्तान डिफेंस’ की ओर से राहुल गांधी की पोस्ट के रीट्वीट का स्क्रीन शॉट भी दिया. इसके बाद राहुल गांधी को निशाना बनाने वाली इस पोस्ट को कई लोगों ने शेयर करना शुरू कर दिया.
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की ओर से ऐसे बयान सामने आए हैं जिनमें राहुल गांधी पर ये आरोप लगा कर निशाना साधा गया कि वो मोदी सरकार को गिराने के लिए पाकिस्तान सरकार के साथ साठगांठ कर रहे हैं.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सितंबर में कहा था कि कांग्रेस ने मोदी के खिलाफ पाकिस्तान के साथ महागठबंधन बना लिया है.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने इंटरनेट पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल तक पहुंचने की कोशिश की. हमने कीवर्ड्स “Pakistan defence” के साथ सर्च किया तो समान लोगों के साथ दो हैंडल्स सामने आए. इनमें से एक हैंडल के बायो में लिखा सामने आया कि ये पुराना अकाउंट है और अब सक्रिय नहीं है. वहीं दूसरा हैंडल भी सामने आया जिसने राहुल के ट्वीट को रीट्वीट किया था. ये हैंडल अपने बायो में खुद को ‘दुनिया का ‘लीडिंग ऑनलाइन फोरम बताता है जो कि डिफेंस, आतंकवादी विरोधी मुहिम, मिलिट्री इंडस्ट्री को समर्पित है…’ये साथ ही किसी को भी ‘मुफ्त सदस्यता’के लिए आमंत्रित करता है.
ये ट्विटर हैंडल अपनी वेबसाइट “Defence.pk” का लिंक भी देता है, जिसमें इस साइट को ‘पाकिस्तान के रक्षा और रणनीतिक मामलों के लिए वन स्टॉप रिसोर्स’ बताया गया है.
ना तो इस ट्विटर हैंडल को और ना ही इस वेबसाइट को पाकिस्तान सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी भी संवाद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. ये फेसबुक पेज द ‘फ्रस्ट्रेटेड इंडियन’ के दावे से ठीक उलट है. पाकिस्तान सरकार के रक्षा संबंधी सभी संवाद या तो DG ISPR के ट्विटर अकाउंट या फिर उसकी वेबसाइट से किए जाते हैं.
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि फेसबुक पेज ‘द फ्रस्ट्रेटेड इंडियन’को 2012 में बनाया गया. जहां इसका मिशन “देश में मजबूत दक्षिणपंथी राजनीतिक जनमत बनाना” बताया गया. पेज के “about” सेक्शन में जाने से पता चलता है कि इसने 2014 में of the page, 5,00,000 की सदस्यता को छू लिया था और इसका उल्लेख “The Guardian” के एक लेख में भी किया गया था.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम अपनी पड़ताल से इस नतीजे पर पहुंची कि ‘द फ्रस्ट्रेटेड इंडियन’ पेज का ये दावा गलत है कि पाकिस्तान रक्षा विभाग के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने राहुल गांधी की पोस्ट को रीट्वीट किया.