नवनिर्वाचित मंडी सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट में थप्पड़ मारने वाली सीआईएसफ कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर के नाम पर एक बेहद आपत्तिजनक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें कहा गया है कि कुलविंदर को नौकरी उनकी मेहनत और ईमानदारी के बलबूते मिली है, न कि किसी के सामने कपड़े उतारकर. यानी, इस बयान के जरिये सीधे-सीधे तो नहीं पर इशारो-इशारों में कंगना रनौत पर तंज कसा गया है.
एक फेसबुक यूजर ने कुलविंदर कौर की वर्दी पहने हुए तस्वीर और कंगना की एक फिल्म के बाथटब के दृश्य वाली तस्वीर के साथ लिखा, "कुलविंदर कौर का बयान :- मेरी नौकरी मेहनत और ईमानदारी से मिली है किसी के सामने कपड़े उतार कर नही."
ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
ये बयान सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं और बहुतेरे तो इसे सही भी मान रहे हैं.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि निलंबित सीआईएसएफ कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है. उनके भाई शेर सिंह ने खुद 'आजतक' से इस बात की पुष्टि की है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
अगर कुलविंदर ने कंगना रनौत पर निशाना साधते हुए इस किस्म का विवादास्पद बयान दिया होता, तो यकीनन इसके बारे में सभी जगह चर्चा होती और तमाम खबरें छपी होतीं. लेकिन हमें ऐसा कुछ नहीं मिला.
हमने इस बारे में जानकारी पाने के लिए कुलविंदर के भाई शेर सिंह को कॉल किया. उन्होंने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उन्होंने हमसे कहा, "मेरी बहन इस तरह का बयान दे ही नहीं सकती. ऐसी भाषा हमारे संस्कारों के खिलाफ है. हम किसी की बहन-बेटी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते."
क्या कुलविंदर ने इस घटना पर कोई बयान दिया है?
खबर लिखे जाने तक कुलविंदर कौर की तरफ से इस घटना को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है. घटना के वक्त जरूर उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो ये कहती दिख रही थीं- "इसने बयान दिया था न कि 100-100 रुपये के लिए बैठती हैं आंदोलन में. ये बैठेगी वहां पे? मेरी मां बैठी थी उस टाइम जब इसने बयान दिया था." जाहिर है, वो किसान आंदोलन के दौरान दिए गए कंगना के एक बयान को लेकर नाराज थीं.
थप्पड़ वाली घटना के बाद कुलविंदर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी और उन्हें निलंबित कर दिया गया था. सीआईएसएफ के शीर्ष अधिकारी विनय काजला ने इस संदर्भ में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कुलविंदर ने अचानक गुस्सा आने की वजह से ये बयान दिया था. अब उन्हें एहसास हुआ है कि उनके बयान से सीआईएसएफ की छवि को कितना नुकसान पहुंचा है.
साफ है, कुलविंदर के नाम पर वायरल हो रहा बयान पूरी तरह फर्जी है.