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फैक्ट चैक: मतगणना से पहले फिर वायरल हुआ EVM से जुड़ा पुराना वीडियो

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने अपनी जांच में पाया कि वीडियो का मौजूदा  लोकसभा चुनाव से कोई नाता नहीं. ये वीडियो 2018 में हुए एमपी विधान सभा चुनाव के समय का है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
चुनाव आयोग की मिलीभगत से मध्य प्रदेश में सैकड़ों EVM स्ट्रांग रूम में रखवाए गए हैं.
सोशल मीडिया यूजर
सच्चाई
वीडियो का इस लोक सभा चुनाव से कोई नाता नहीं. ये वीडियो 2018 में हुए एमपी विधान सभा चुनाव के समय का है.

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चुनाव नतीजों से ठीक पहले सोशल मीडिया पर ईवीएम से जुड़ा कोई न कोई वीडियो वायरल हो रहा है. अब एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से मध्य प्रदेश के बीना में सैकड़ों EVM स्ट्रांग रूम में रखवाए गए हैं. वीडियो में बिना नंबर की एक पीली वैन नज़र आ रही है जिसमें ईवीएम भरे हैं. वीडियो में दिख रहे लोग ‘यह लोकतंत्र की हत्‍या है’ के नारे लगा रहा हैं और ईवीएम के साथ हेरा फेरी होने की आशंका जता रहे हैं.

वीडियो से जुड़े मैसेज में लिखा है- "ताजा ब्रेकिंग न्यूज मोदी, शाह, चुनाव आयोग की मिलीभगत की खुली पोल. मध्य प्रदेश के बीना बाजार में बिना नंबर की स्कूल गाड़ी और 3 बोलेरो जीप में सैकड़ों EVM मशीन strong room में रखते हुए पकड़े गए. कोई भी जिम्मेदार अधिकारी जवाब दे नहीं पा रहा है तभी तो मोदी शाह डंके की चोट कहते हैं कि सरकार हमारी ही बनेगी. साथियो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि जनता को मोदी की असलियत का पता चल सके और लोकतंत्र बच सके."

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इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने अपनी जांच में पाया कि वीडियो का मौजूदा  लोकसभा चुनाव से कोई नाता नहीं. ये वीडियो 2018 में हुए एमपी विधान सभा चुनाव के समय का है. ये वीडियो फेसबुक पर जमकर वायरल हो रहा है.

पिछले साल हुए एमपी विधान सभा चुनाव के दौरान भी ये वीडियो और इससे जुड़ी कुछ तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं. जांच में पता चला की ये बवाल मध्य प्रदेश के सागर में हुआ था. एमपी कांग्रेस ने इसी वीडियो की कुछ तस्वीरें ट्वीट कर दावा किया था कि उस समय के एमपी के गृहमंत्री के क्षेत्र में मतदान के 48 घंटे बाद बिना नंबर की गाड़ी से ईवीएम, स्ट्रांग रूम में जमा कराने की कोशिश की गई. इस वीडियो को लेकर एमपी कांग्रेस ने बीजेपी पर ईवीएम बदलने का आरोप लगाया था.

कांग्रेस के आरोप पर एमपी के चीफ इलेक्शन ऑफिसर ने ट्वीट कर जवाब दिया था कि ये ईवीएम वोट डालने के लिए इस्तेमाल नहीं हुई थी. इलेक्शन ऑफिसर का कहना था कि ये अतिरिक्त ईवीएम है जो कि तकनीकी दिक्कत आने पर उपयोग में आती है.

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इस मामले पर NDTV ने खबर भी की थी. ये वीडियो मार्च में भी वायरल हुआ था. उस समय भी कई फैक्ट चेकर्स ने इस पर खबर की थी.

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