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फैक्ट चेक: मोदी सरकार के नए वक्फ बिल को लेकर लोकसभा में वोटिंग का फर्जी दावा हो रहा है वायरल

वक्फ संशोधन विधेयक फिलहाल सुर्खियों में भले ही न हो लेकिन इसको लेकर जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) की मीटिंग लगातार चल रही हैं. इस खींचतान के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़का दावा कर रहा है कि सिर्फ 24 मुस्लिम सांसद होने के बावजूद ये बिल पास नहीं हो सका क्योंकि 208 हिंदू सांसदों ने भी इस बिल को रोकने के लिए अपना वोट दिया.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
लोकसभा में 208 हिंदू सांसदों ने भी मोदी सरकार के नए वक्फ विधेयक के खिलाफ वोट दिया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
19 अक्टूबर, 2024 तक लोकसभा में नए वक्फ विधेयक को लेकर कोई वोटिंग नहीं हुई है.

वक्फ संशोधन विधेयक फिलहाल सुर्खियों में भले ही न हो लेकिन इसको लेकर जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) की मीटिंग  लगातार चल रही हैं. आपको याद होगा कि इसी साल 8 अगस्त को मोदी सरकार ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया था. लेकिन विपक्ष के तगड़े विरोध के बाद इस बिल को जेपीसी के पास भेजना पड़ा था.

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जहां कुछ लोग इस बिल को मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं, वहीं कुछ ये दलील देते हुए इसका समर्थन कर रहे हैं कि वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम करना जरूरी है.

इस खींचतान के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़का दावा कर रहा है कि सिर्फ 24 मुस्लिम सांसद होने के बावजूद ये बिल पास नहीं हो सका क्योंकि 208 हिंदू सांसदों ने भी इस बिल को रोकने के लिए अपना वोट दिया.  

'राधे-राधे' लिखा हुआ गमछा ओढ़े और तिलक लगाए ये लड़का कहता है, "सोचने वाली बात तो ये है कि वक्फ बोर्ड के समर्थन में लोकसभा में 232 वोट किए गए. लेकिन मुस्लिम सांसद तो सिर्फ 24 हैं. तो ये 208 सांसद कौन हैं? हिंदू होकर वो कैसे वोट कर रहे हैं वक्फ बोर्ड के सपोर्ट में? और अगर वक्फ बोर्ड के सपोर्ट में वो वोट कर रहे हैं तो हिंदू कैसे? ये हिंदू नहीं, ये हिंजड़े हिंदू हैं. ये वो हिंदू हैं जो कि अपने राजनैतिक करियर के फायदे के लिए हिंदुओं के स्वाभिमान और सम्मान पे लात मार रहे हैं."  

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ये वीडियो एक्स और फेसबुक पर काफी वायरल है.


 

ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. वीडियो पर कमेंट करते हुए कई लोग, कथित तौर पर वक्फ बोर्ड का समर्थन करने वाले 208 हिंदू सांसदों को बुरा भला कह रहे हैं.

क्या सचमुच 208 सांसदों ने किया बिल के विरोध में वोट?

सच्चाई ये है कि 19 अक्टूबर, 2024 तक लोकसभा में 'वक्फ संशोधन विधेयक 2024' को लेकर कोई वोटिंग हुई ही नहीं है. जब सरकार ने 8 अगस्त को ये बिल पेश किया था, तब भी इसको लेकर कोई वोटिंग नहीं हुई थी और इस पर चर्चा के बाद सरकार ने विपक्ष की मांग को देखते हुए इसे जेपीसी को भेजने की मांग को मान लिया था.

इस विधेयक पर विचार-विमर्श कर रही 'जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी' (JPC) के सदस्य और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी 'आजतक' को बताया कि इस बिल को लेकर लोकसभा में अभी तक वोटिंग नहीं हुई है.

कौन है ये दावा करने वाला लड़का?

वायरल वीडियो में दिख रहा लड़का जिस मंच से भाषण दे रहा है, उस पर 'सर्वहित सनातनी सेना' लिखा है. 'इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर हमें ये वीडियो इसी नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. इसे यहां 5 अक्टूबर, 2024 को पोस्ट किया गया था.'

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इस पेज को चलाने वाले व्यक्ति का नाम प्रवीण महुलियार शुक्ला है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रहता है. वायरल वीडियो में दिख रहा लड़का भी वही है. प्रवीण, धार्मिक-सामाजिक विषयों के अलावा टेक्नोलॉजी से जुड़े वीडियो भी बनाता है.

'@sarvhitsanatanisena' इंस्टाग्राम पेज पर वायरल वीडियो से मिलते-जुलते और भी कई वीडियो हैं जिनमें प्रवीण मंच से भाषण दे रहा है.

हमने प्रवीण से संपर्क करके ये पूछने की कोशिश की कि वो आखिर किस वोटिंग की बात कर रहे हैं, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया.

नए कानून से क्या बदलना चाहती है सरकार?

8 अगस्त को सरकार ने वक्फ की संपत्तियों से संबंधित दो बिल पेश किए थे. पहला बिल है 'मुसलमान वक्फ खात्मा विधेयक 2024', जिसका मकसद, अंग्रेजों के जमाने के एक पुराने कानून को निरस्त करना है.

दूसरा बिल है 'वक्फ संशोधन विधेयक 2024'. इस बिल का मकसद है 1995 के वक्फ एक्ट में बदलाव करना. सरकार का दावा है कि इस नए कानून के जरिये वक्फ बोर्ड के कामकाज के तरीकों को सुधारा जा सकता है और वक्फ संपत्तियों का ठीक से प्रबंधन हो सकता है.  

8 अगस्त को लोकसभा में क्या-क्या हुआ?

आठ अगस्त को जब ये दोनों बिल लोकसभा में पेश किए गए, तो इन्हें लेकर करीब दो घंटे तक बहस चली. कई विपक्षी सांसदों ने इसे मुस्लिम विरोधी बताया और खूब हंगामा हुआ.  

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संसद की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, 8 अगस्त को ही केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने 'वक्फ संशोधन विधेयक 2024' पर विस्तार से विचार करने के लिए इसे 'जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी' (JPC) को सौंपने का प्रस्ताव रखा.

इसके बाद 9 अगस्त को 31 सदस्यों वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन हुआ, जिसके 21 सदस्य लोकसभा से और 10 सदस्य राज्यसभा से चुने गए. समिति के अध्यक्ष बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल हैं.

 

वक्फ बोर्ड को लेकर राज्यसभा में क्या हुआ था?

राज्यसभा में वक्फ बोर्ड को लेकर यूपीए सरकार द्वारा 2014 में लाया गया एक विधेयक लंबित था. चूंकि राज्यसभा में पेश किया गया कोई भी बिल भले ही पास न हो, लेकिन वो सरकार बदलने के बाद भी खुद-ब-खुद खत्म नहीं होता. इसीलिए ये बिल वहां पड़ा हुआ था. तभी 8 अगस्त को जब मोदी सरकार ने लोकसभा में अपना नया बिल पेश किया, तो राज्यसभा में उन्होंने कांग्रेस के इस पुराने बिल को, जिसका नाम 'वक्फ संपत्ति (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) विधेयक 2014' है, उसे वापस ले लिया.  

इस दौरान कुछ विपक्षी सांसदों ने इसके विरोध में नोटिस दिया, लेकिन इन पर जब राज्यसभा अध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने वॉइस वोटिंग करवाई, तो इनके विरोध को अस्वीकार कर दिया गया और पुराना बिल वापस हो गया. 

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वक्फ बोर्ड के पास है काफी संपत्ति

जिन संपत्तियों को इस्लामिक कानून के तहत धार्मिक या सामाजिक कामों के लिए दान कर दिया जाता है, उन्हें वक्फ कहते हैं. खबरों के मुताबिक, भारत में रेलवे और डिफेंस के बाद वक्फ बोर्ड के पास ही सबसे ज्यादा जमीन है.

(इनपुट: अभिषेक पाठक)
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