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फैक्ट चेक: देशविरोधी नारे लगाने पर किसानों ने की बीजेपी नेता की पिटाई? जानें वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में सड़क पर कुछ लोग एक आदमी को खदेड़ते हुए देखे जा सकते हैं. आदमी के साथ मारपीट भी हो रही है और एक पुलिसकर्मी आदमी को पकड़कर कहीं ले जाता हुआ नजर आ रहा है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए देशविरोधी नारे लगा रहे बीजेपी नेता उमेश सिंह को किसानों ने जमकर पीटा.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
वीडियो में जिस युवक को लोग पीट रहे हैं उसका नाम अरुण कुमार है. उसे मीडियाकर्मियों के साथ बदतमीजी करने पर किसानों ने खदेड़ा था. इस शख्स के बीजेपी नेता होने से जुड़ी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

किसान आंदोलन से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में सड़क पर कुछ लोग एक आदमी को खदेड़ते हुए देखे जा सकते हैं. आदमी के साथ मारपीट भी हो रही है और एक पुलिसकर्मी आदमी को पकड़कर कहीं ले जाता हुआ नजर आ रहा है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये एक बीजेपी नेता है जो किसान आंदोलन में शामिल हो कर देशविरोधी नारे लगा रहा था और इसी वजह से किसानों ने इसकी पिटाई की. दावे में आदमी का नाम उमेश सिंह बताया गया है और कहा जा रहा है कि बीजेपी सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रच रही है. कुछ पोस्ट में ये भी दावा है कि ये आदमी पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहा था.

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इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. वीडियो में जिस युवक को लोग पीट रहे हैं उसका नाम अरुण कुमार है जिसे मीडियाकर्मियों के साथ बदतमीजी करने पर किसानों ने खदेड़ा था. वीडियो 14 दिसंबर को गाजियाबाद में दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बनाया गया था.

वीडियो पोस्ट करते हुए लोग कैप्शन में लिख रहे हैं, "#किसान आंदोलन में शामिल होकर देश #विरोधी नारे लगते "#भाजपा नेता #उमेश सिंह" को किसानों ने पकड़कर #जूतों से मारा किसना आंदोलन को #बदनाम करने की साज़िश कर रही है #भाजपा सरकार.

वीडियो को गलत दावे के साथ हजारों लोग शेयर कर चुके हैं. ट्विटर पर भी ये वीडियो इसी झूठे दावे के साथ वायरल है. वायरल पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है. 

कैसे पता की सच्चाई?

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वीडियो को इन-विड टूल की मदद से रिवर्स सर्च करने पर हमें ‘न्यूज़ नेशन’ वेबसाइट की एक खबर मिली. इस खबर में वायरल वीडियो की एक तस्वीर मौजूद थी. खबर में बताया गया है कि दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में एक आदमी मीडियाकर्मियों के साथ बदतमीजी कर रहा था. इसी के चलते किसान नेता राकेश टिकैत सहित कुछ किसानों ने इस शख्स की पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया.

कुछ कीवर्ड की मदद से हमें इस वीडियो को लेकर ‘एबीपी न्यूज़’ की भी एक खबर मिली. इस खबर में भी यही जानकरी थी कि युवक को मीडियाकर्मियों से बदतमीजी करने पर पीटा गया.

इस संबंध में हमारी बात न्यूज नेशन के लिए ये खबर लिखने वाले संवाददाता हिमांशु शर्मा से भी हुई. हिमांशु ने हमें बताया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा गलत है. हिमांशु के मुताबिक, वे 14 दिसंबर को घटनास्थल पर मौजूद थे और इस शख्स ने एक निजी चैनल के रिपोर्टर के साथ बदसुलूकी की थी. रिपोर्टर के आपत्ति जताने के बाद किसानों ने आदमी को खदेड़ कर गाजियाबाद पुलिस के हवाले कर दिया. हिमांशु का कहना था कि इस युवक का नाम अरुण कुमार है और ये बात अफवाह है कि इसने देशविरोधी नारे लगाए थे.

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इस घटना को लेकर हमें एक अखबार की क्लिपिंग भी मिली. इस खबर में भी यही सूचना दी गई है और शख्स का नाम अरुण कुमार बताया गया है. हमें ऐसी कोई खबर या कोई सूचना भी नहीं मिली जिससे पता चले कि ये शख्स बीजेपी का नेता है.

इंडिया टुडे ने घटना की पुष्टि करने के लिए गाजियाबाद पुलिस से भी संपर्क किया. हमें एसएचओ मोहम्मद असलम ने ये बात पुख्ता की कि इस आदमी को मीडिया के साथ बदतमीजी करने पर पीटा गया था, न कि देशविरोधी नारे लगाने पर. साथ ही असलम के अनुसार, अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि यह शख्स बीजेपी का नेता है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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