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फैक्ट चेक: पुलिस की पिटाई से नहीं, पंजाब में रोड एक्सीडेंट में जख्मी हुआ ये बुजुर्ग

दो तस्वीरों का एक कोलाज सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें से एक तस्वीर में एक निहंग सिख एक सुरक्षाकर्मी पर तलवार ताने हुए दिखता है. दूसरी तस्वीर में एक बूढ़ा व्यक्ति है जिसके सिर पर पट्टी बंधी हुई है और चेहरे पर चोट के निशान हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर तलवार लहराता एक किसान जिसे पुलिस ने बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
वायरल कोलाज में पहली तस्वीर गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के दौरान एक निहंग सिख की है, जबकि दूसरी तस्वीर दिसंबर 2020 में पंजाब में सड़क दुर्घटना में घायल एक किसान की है.

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान भड़की हिंसा में कई किसान और पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. इसके बाद सोशल मीडिया भी इस हिंसा की तस्वीरों से भर गया.

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इसी क्रम में दो तस्वीरों का एक कोलाज सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें से एक तस्वीर में एक निहंग सिख एक सुरक्षाकर्मी पर तलवार ताने हुए दिखता है. दूसरी तस्वीर में एक बूढ़ा व्यक्ति है जिसके सिर पर पट्टी बंधी हुई है और चेहरे पर चोट के निशान हैं. पहली तस्वीर के ऊपर लिखा है ‘पहले’ और दूसरी के ऊपर लिखा है ‘बाद में’. दावा किया जा रहा है कि पुलिस पर हमला करने का प्रयास करने वाले किसानों को पुलिस ने इस तरह जवाब दिया.

एक फेसबुक यूजर ने इस कोलाज को शेयर करते हुए लिखा, “बाबा जी की कम्बल ठुकाई क्या से क्या हो गए देखते देखते.” 

फेसबुक पर ये पोस्ट खूब वायरल हो रही है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि ये दावा भ्रामक है. तलवार ताने हुए निहंग सिख की पहली तस्वीर 26 जनवरी 2021 की है, जबकि दूसरी तस्वीर कीर्ति किसान संघ से जुड़े एक किसान की है जो दिसंबर, 2020 में एक सड़क दुर्घटना का शि‍कार हो गया था.

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ऐसी कुछ पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है.

AFWA की पड़ताल

रिवर्स इमेज सर्च की मदद से पता चला कि वायरल कोलाज में पहली तस्वीर 26 जनवरी 2021 को कई खबरों में इस्तेमाल की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तस्वीर गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की है.

द इंडियन एक्सप्रेस” में भी ये तस्वीर छपी है और इसके साथ कैप्शन में लिखा गया है, “'किसान गणतंत्र परेड' के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस से भि‍ड़ता हुआ किसानों का एक समर्थक निहंग सिख.” 

हमने दूसरी तस्वीर को भी रिवर्स सर्च किया और पाया कि 28 दिसंबर, 2020 को इसे “Kirti Kisan Union” के फेसबुक पेज पर शेयर किया गया था जहां इस तस्वीर के साथ कुछ और घायल लोगों की तस्वीरें हैं. साथ में एक ट्राली की भी तस्वीर है.

इस पोस्ट के अनुसार, तस्वीरों में शामिल लोग कीर्ति किसान संघ के सदस्य हैं जो दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में आते वक्त एक दुर्घटना का शि‍कार हो गए थे.

शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया के वेरीफाइड फेसबुक पेज पर 27 दिसंबर, 2020 को यही तस्वीरें पोस्ट की गई थीं और घायल किसानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई थी.

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हमें 28 दिसंबर, 2020 को छपी “News18 Punjab” की भी एक रिपोर्ट मिली जिससे ये पता चलता है कि पंजाब के खन्ना में एक सड़क दुर्घटना हुई थी. ये तस्वीरें उसी दुर्घटना से जुड़ी हैं.

सूचना की पुष्टि के लिए हमने कीर्ति किसान यूनियन के पंजाब सचिव जितेंद्र से संपर्क किया. उन्होंने पुष्टि की कि ये तस्वीर एक महीने से ज्यादा पुरानी है. सिंह ने बताया, “ये तस्वीरें 26 दिसंबर, 2020 को खन्ना में हुई सड़क दुर्घटना की हैं. उस ट्रैक्टर में करीब बारह लोग थे जिनमें हमारे संघ के सदस्य और वडाला गांव के कुछ निहंग सिख शामिल थे. वे दिल्ली की ओर जा रहे थे तभी उनके ट्रैक्टर में पीछे से किसी अन्य वाहन ने टक्कर मार दी थी.”

जितेंद्र सिंह ने बताया, “हमारे दो सदस्यों को सिर में गंभीर चोट आई थी, बाकी को मामूली चोटें आई थीं. प्राथमिक उपचार के बाद वे दिल्ली चले गए और फिलहाल कुंडली बॉर्डर पर हैं. हमारे लोगों के चेहरे पर अब भी जख्म हैं.”

दोराहा पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरमेल सिंह ने भी इस दुर्घटना की पुष्टि की, जिन्होंने दिसंबर में दुर्घटनास्थल का दौरा किया था.

पड़ताल से साफ है कि चेहरे पर चोट और सिर पर पट्टी बांधे जिस बुजुर्ग की तस्वीर को गणतंत्र दिवस के दौरान हुई हिंसा का बताया जा रहा है, वह करीब एक महीने पहले पंजाब में हुई एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था.

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