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फैक्ट चेक: प्रयागराज में लड़की के साथ हुआ गैंगरेप? पांच साल पुराना मामला अभी का बताकर किया गया शेयर

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं जिसमें एक महिला को रोते हुए मीडियाकर्मियों से बात करते देखा जा सकता है. महिला के रोने का कारण ये ठीक से समझ नहीं आता, लेकिन ऐसा लगता है कि वो बता रही हैं कि तीन दिन से उनकी लड़की गायब है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
हाल ही में प्रयागराज में एक लड़की को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया गया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये मामला अभी का नहीं बल्कि 2020 का है. इसमें आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और लापरवाही बरतने के आरोप में कुछ पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया था.

“रोज 7-8 लड़के आते हैं और हमारे घरों के बाहर खड़े रहते हैं, वे एक लड़की को उठाते हैं और उसके साथ सामूहिक बलात्कार करते हैं. पुलिस अधिकारी ठाकुर है, वो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर देता है क्योंकि आरोपी उसी समुदाय से हैं. यह घटना फिल्म की नहीं बल्कि राम राज्य यूपी के प्रयागराज की है.”

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इस कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं जिसमें एक महिला को रोते हुए मीडियाकर्मियों से बात करते देखा जा सकता है. महिला के रोने का कारण ये ठीक से समझ नहीं आता, लेकिन ऐसा लगता है कि वो बता रही हैं कि तीन दिन से उनकी लड़की गायब है.

इसके बाद एक दूसरी क्लिप आती है जिसमें जमीन पर बैठी इस महिला को बगल में कुर्सी पर बैठे एक पुलिसकर्मी से बात करते देखा जा सकता है. महिला, पुलिसकर्मी से सवाल-जवाब कर रही है कि क्या वो उनकी बेटी का तब पता लगाएंगे, जब उसके साथ कुछ बुरा हो जाएगा.

इसी वीडियो को शेयर करते हुए लोग यूपी पुलिस और सीएम योगी से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं कुछ यूजर्स वीडियो को हाल की घटना बताकर तंज कर रहे हैं कि ये है यूपी का रामराज्य है. लोग इस मामले में पुलिस पर जातिवाद के आरोप भी लगा रहे हैं.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये मामला अभी का नहीं बल्कि 2020 का है. इसमें आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और लापरवाही बरतने के आरोप में कुछ पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया था.

कैसे पता की सच्चाई?

हमने देखा कि प्रयागराज पुलिस ने वायरल पोस्ट पर कमेंट किया है कि ये मामला 2020 का है और ये मेजा थाना क्षेत्र की घटना है.पुलिस ने ये भी बताया है कि इसमें मुकदमा दर्ज करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.

इस आधार पर हमने सर्च किया और पाया कि वायरल वीडियो जनवरी 2020 में भी शेयर किया गया था. उस समय भी पुलिस और सीएम योगी पर जातिवाद करने के आरोप लगे थे. यहां एक बात साफ हो जाती है कि ये घटना पुरानी है.

 

कुछ यूजर्स ने उस समय लिखा था कि घटना मेजा इलाके के लेहड़ी गांव की है. हमें इस घटना पर हिंदुस्तान अखबार में छपी एक रिपोर्ट भी मिली. इसमें बताया गया है कि युवती को कुछ दबंग उसके घर से अगवा कर सुनसान जगह ले गए थे. लड़की का कहना था कि उसके साथ गैंगरेप हुआ. कुछ दिन बाद आरोपी लड़की को उसके घर से कुछ दूरी पर छोड़ गए थे.

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खबर के मुताबिक, तहसीलदार सिंह नाम का एक आरोपी पीड़िता के गांव का ही था और उसका युवती के परिवार वालों के साथ गांव में बन रही सड़क को लेकर कुछ विवाद हो गया था. विवाद में पीड़िता के परिवार के साथ मारपीट की गई जिसके चलते उन्होंने तहसीलदार और कुछ अन्य के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दी.

ये मामला इतना बढ़ गया कि 1 जनवरी 2020 को आरोपी पीड़िता के घर पहुंचे. युवती का कहना था कि वो उसके भाई को मारने आए थे लेकिन उसने अपने भाई को बचा लिया. लेकिन दबंग कुछ देर बाद दोबारा आए और युवती को उठा ले गए.

 

 

 

युवती के पिता ने बताया था कि घटना के दूसरे दिन उन्होंने दोषियों के खिलाफ थाने में अपहरण सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी. लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद तेजी नहीं दिखाई. बाद में तत्कालीन सांसद डॉ. रीता बहुगुणा के हस्तक्षेप करने पर आरोपियों को पकड़ा गया था.

एबीपी गंगा की 16 जनवरी 2020 की एक वीडियो रिपोर्ट में बताया गया है कि युवती का कहना था कि उसके साथ रेप हुआ है वहीं पुलिस का कहना था कि मेडिकल जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

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इस मामले को लेकर हमें अक्टूबर 2020 की भी कुछ न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. न्यूज 18 की खबर में बताया गया है कि पीड़िता दोबारा घर से गायब हो गई थी लेकिन पुलिस ने उसे ढूँढ लिया था.

इस घटना का केस हाईकोर्ट चला गया था जहां सख्त रुख अपनाते हुए मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस अफसरों को निलंबित कर दिया गया था. इससे पहले भी मामले से जुड़े कुछ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था.

यहां हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि इस घटना में कोई जातिगत एंगल था कि नहीं. लेकिन ये बात साफ है कि ये मामला अभी का नहीं बल्कि पांच साल पुराना है.

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