scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: क्या दिल्ली सरकार नहीं दे रही कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों के होटल बिल?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें एक महिला कह रही हैं कि वे दिल्ली के सरकारी राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल में काम करती हैं. वायरल वीडियो में कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार जो अब तक डॉक्टरों के होटल बिल का भुगतान कर रही थी, अब नहीं कर रही है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
दिल्ली सरकार अब तक कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के होटल बिल का भुगतान कर रही थी, जो कि अब नहीं कर रही है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
दिल्ली सरकार अब भी डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ को होटलों में रहने की सुविधा दे रही है, जिसका भुगतान सरकारी खर्च से हो रहा है.

Advertisement

क्या दिल्ली सरकार ने कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों से कहा ​है कि वे होटलों के बिल का भुगतान खुद करें? दरअसल, कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और स्टाफ के लिए सरकार ने होटलों में रहने की व्यवस्था की है ताकि ऐसे डॉक्टरों के परिवार को इस बीमारी से दूर रखा जा सके.

इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें एक महिला कह रही हैं कि वे दिल्ली के सरकारी राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल में काम करती हैं. वायरल वीडियो में कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार जो अब तक डॉक्टरों के होटल बिल का भुगतान कर रही थी, अब नहीं कर रही है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है. दरअसल राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल कोरोना वायरस के मरीजों के लिए है ही नहीं. दिल्ली में फिलहाल 9 अस्पतालों में कोरोना वायरस का इलाज हो रहा है. राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल में कोरोना वायरस का कोई भी मरीज भर्ती नहीं है.

Advertisement

फेसबुक पेजहिन्दू राष्ट्र - हिंदुस्तान ने एक वीडियो अपलोड करते हुए कहा, “केजरीवाल का नया आदेश. कोरोना की ड्यूटी में लगे डाक्टर खुद करे अपने होटल का भुगतान, पलट गया पलटूराम फिर से. इसके पास मौलवियों को सैलरी देने के लिए पैसा है. इनकी भी सुनिए यही लोग है तो आज सब कुछ है.”

वायरल वीडियो में एक महिला कहती है कि वह राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल में पोस्टेड है और "मेरे यहां से ऑर्डर आ चुका है कि आप लोगों को होटल खाली करना है. हम लोग 16 से यहां पोस्टेड हैं. किसी तरह से हम एडजस्ट कर रहे हैं. अब हमारी फैमिली कहां जाएगी."

इसके साथ ही महिला दावा कर रही है कि अस्पताल में कई सारे मरीज हैं जो पॉजिटिव हैं और पूछती है कि अब परिवार की सुरक्षा के बारे में क्यों नहीं सोचा जा रहा है. इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

राव तुला राम अस्पताल कोरोना के लिए नहीं

जांच पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले दिल्ली सरकार की वेबसाइट को खंगाला. यहां हमें 31 मार्च का एक आदेश मिला, जिसमें कोरोना वायरस से निपटने के लिए पांच अस्पतालों का नाम घोषित किया गया था. फिलहाल अस्पतालों की संख्या बढ़ कर नौ हो गई है जो कि सरकार द्वारा जारी की गई रोजाना बुलेटिन में देखा जा सकता है. लेकिन इन सभी आदेशों या बुलेटिन में से किसी में भी राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल का नाम नहीं है.

Advertisement

खोजने पर शालीन मित्रा, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के सलाहकार का एक ट्वीट मिला, जिसमें वायरल पोस्ट के बारे में ही लिखा था कि "राव तुला राम अस्पताल न तो कोविड अस्पताल है और न ही क्वारंटीन का केंद्र है. यहां का कोई डॉक्टर या दूसरा स्टाफ कोविड ड्यूटी पर नहीं है. इसलिए यह एक सही शिकायत नहीं है.”

हमने मित्रा से बात की तो उन्होंने बताया कि “राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ को होटल में रहने और उनके बिल के भुगतान की बात कभी नहीं हुई थी, क्योंकि ये अस्पताल कोविड से लड़ने के लिए है ही नहीं. यहां पर अगर कोई मरीज आता है जिसमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं तो ऐसे शख्स को तुरंत कोरोना वाले अस्पताल भेजना होता है. ऐसे मरीज राव तुला राम अस्पताल मैं भर्ती नहीं किए जा सकते. इसलिए यहां के डॉक्टर या स्टाफ को होटल में रहने और उनके बिल का भुगतान करने की कोई बात नहीं हुई थी. दिल्ली सरकार अब भी कोविड से लड़ रहे डॉक्टरों के होटलों में रहने का इंतज़ाम कर रही है.”

इस संदर्भ में 20 अप्रैल को ही दिल्ली सरकार ने एक आदेश जारी किया था. इस आदेश में साफ़ लिखा है कि तमाम कोरोना वायरस से जूझ रहे अस्पतालों, हेल्थ सेंटर, क्वारेंटाइन सेंटर और कोविड टेस्ट सेंटर के डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स समेत सभी स्टाफ के लिए रहने के इंतज़ाम किए गए हैं.

Advertisement

delhi-govt-order_042820070302.jpg

वायरल वीडियो में महिला कौन है?

hindu-rashtra_042820070441.jpg

मित्रा ने ये भी बताया कि दिल्ली सरकार ने इस वायरल वीडियो पर जांच पड़ताल भी की थी, लेकिन उन्हें ये पता नहीं चल पाया कि वीडियो में जो महिला बोल रही है, वो वाकई अस्पताल में पोस्टेड है या नहीं. "वीडियो में जो महिला दिख रही है उसने मास्क लगाया है और बालों को भी ढंका हुआ है. सिर्फ आंखों और आवाज़ से पहचानना काफी मुश्किल है,”

निष्कर्ष

दिल्ली सरकार अब भी कोविड से लड़ रहे डॉक्टरों के होटलों में रहने का इंतज़ाम कर रही है और उनके बिल का भुगतान सरकारी खर्च से किया जा रहा है. वायरल वीडियो का दवा बिलकुल गलत है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Advertisement