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फैक्ट चेक: IS की इस तस्वीर में JNU वाले नजीब नहीं हैं

इस पोस्ट को फेसबुक पेज 'MODI MANIA' से शेयर किया गया है जो अब तक लगभग हजार बार शेयर किया जा चुका है. इस पेज से फेसबुक पर तीन लाख से ज्यादा लोग जुड़े है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से लापता हुए छात्र नजीब अहमद IS में शामिल हो गए हैं.
फेसबुक पेज   'MODI MANIA'
सच्चाई
जिस तस्वीर के जरिये यह दावा किया जा रहा है वो तीन साल पुरानी है , नजीब उसके बाद लापता हुए थे.

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सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर के जरिेए यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से 3 साल पहले लापता हुए छात्र नजीब आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) में शामिल हो गए हैं. तस्वीर में मिलट्री की वर्दी में कुछ लोग आतंकी (IS) के झंडे से रंगी दीवार के पास देखे जा सकते हैं.

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां  देखा जा सकता है.

नजीब अहमद JNU में MSC प्रथम वर्ष  के छात्र थे जो 15 अक्टूबर 2016 से लापता हैं. हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच मई 2017 में सीबीआई को दी थी.

फोटो के कैप्शन में लिखा है-

"पहचाना इसे?? अरे अपना नजीब...JNU वाला नजीब...आज़ादी गैंग वाला नजीब!! वामी कामी गिरोह का दुलारा नजीब ...JNU से डायरेक्ट प्लेसमेंट हुआ है ISIS में!! सीरिया से राहुल जी और केजरी सर जी को सलाम भेजा है!!"

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इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट भ्रामक है. यह तस्वीर मार्च 2015 में इराक में ली गई थी.

इस पोस्ट को फेसबुक पेज 'MODI MANIA' से शेयर किया गया है जो अब तक लगभग हजार बार शेयर किया जा चुका है. इस पेज से फेसबुक पर तीन लाख से ज्यादा लोग जुड़े है.

पिछले साल भी यह फ़र्ज़ी पोस्टखूब वायरल हुआ था.

तस्वीर को  रिवर्स सर्च करने पर पता चला कि ये तस्वीर  7 मार्च 2015 को रायटर्स के फोटो जर्नलिस्ट थायर अल सुदानी ने ली थी. तस्वीर इराक के तल कसाईबा टाउन की है. तस्वीर के कैप्शन के मुताबिक मिलट्री वर्दी में दिख रहे लोग शिया लड़ाके हैं.

नजीब की शक्ल भी तस्वीर में दिख रहे लोगों से बिल्कुल नहीं मेल खाती.

इससे यह साफ़ होता है कि जिस तस्वीर को नजीब का बताया जा रहा है वो इंटरनेट पर नजीब के लापता होने के पहले से मौजूद है.

नजीब के लापता होने के बाद भी उनके IS में शामिल होने की खबर उड़ी थी लेकिन दिल्ली पुलिस ने  इस बात को ख़ारिज कर दिया था.

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