लोकसभा चुनाव आने वाले हैं और इसी को देखते हुए सोशल मीडिया पर कुछ लोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम को हटाने की मांग कर रहे हैं. इसके तहत सोशल मीडिया पर "#EVM_हटाओ_देश_बचाओ" हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं.
इसी कड़ी में एक वीडियो वायरल है जिसे शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि हरियाणा के पानीपत में नकली ईवीएम मशीनें पकड़ी गईं. वीडियो में एक कार में ईवीएम मशीन के बक्से रखे नजर आ रहे हैं. आसपास भीड़ इकट्ठा है और एक व्यक्ति कह रहा है कि यह लोकतंत्र की हत्या है.
वीडियो में एक दीवार पर पानीपत लिखा दिख रहा है. साथ ही इसमें "#EVM_हटाओ_देश_बचाओ" लिखा नजर आ रहा है. वीडियो को इसी दावे के साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कई लोग शेयर कर चुके हैं. ऐसे ही एक वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो अभी का नहीं बल्कि मई 2019 का है. उस समय चुनाव अधिकारियों ने ये बताया था कि वीडियो में दिख रही ईवीएम मशीनें नियमों के मुताबिक रिजर्व में रखी गई थीं.
कैसे पता की सच्चाई?
वायरल वीडियो को कुछ कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें मई 2019 के कई सोशल मीडिया पोस्ट्स मिले जिनमें यह वीडियो मौजूद है. इतनी बात तो यहीं साफ हो जाती है कि ये वीडियो लगभग पांच साल पुराना है.
14 मई, 2019 को इसे फेसबुक पर पोस्ट करने वाले एक व्यक्ति ने लिखा था कि पानीपत के एसडीवीएम स्कूल के बाहर नकली ईवीएम मशीनें पकड़ी गईं. उस दौरान देश में लोकसभा चुनाव चल रहे थे.
मामले पर अमर उजाला ने खबरें भी छापी थीं. इनमें बताया गया है कि 12 मई, 2019 को इस स्कूल के बाहर गाड़ी में खाली मशीनें देखकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया था. उनका कहना था कि इन मशीनों से गड़बड़ की जा सकती है. लेकिन फिर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया था कि ये रिजर्व मशीनें हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, इन मशीनों को वापस जमा करवाने के लिए लाया गया था. इन्हें वहां हंगामा कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं से चेक करवा दिया गया था. अमर उजाला की खबर में यह भी बताया गया है कि मौके पर ईवीएम एक्सपर्ट को बुलाया गया था जिसने जांच करके बताया था कि मशीन में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं है.
जैसा कि हमने बताया, यह वीडियो अभी काफी वायरल हो रहा है. इसका संज्ञान लेते हुए हरियाणा के सूचना विभाग ने भी सोशल मीडिया पर इसका खंडन किया है. सरकार के हैंडल से लिखा गया है कि इस वीडियो पर चुनाव आयोग ने एक्शन लिया है और पुलिस से गलत जानकारी फैलाने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.