क्या कर्नाटक के एक मुस्लिम मंत्री ने हिन्दू पुलिसकर्मियों को एक समारोह में अपना जूठा खाना खाने के लिए मजबूर किया? सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से ऐसी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं, जिनमें कर्नाटक के खाद्य और आपूर्ति मंत्री जमीर अहमद खान को अपनी प्लेट से हिन्दू पुलिसकर्मियों को खाना खिलाते देखा जा सकता है.
@ExSecular नाम वाले ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट में दावा किया गया है, ‘कर्नाटक के कांग्रेस मुस्लिम मंत्री जमीर अहमद ने एक समारोह में हिन्दू पुलिसकर्मियों को अपना जूठा खाना खाने के लिए मजबूर किया.’
ट्विटर हैंडल से अपने दावे के समर्थन में एक कन्नड़ वेबसाइट के लेख का भी हवाला दिया गया. इस पोस्ट को सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं.
Karnataka Congress Muslim minister Jameer Ahmed forced Hindu policemen to eat his leftover food during an event. pic.twitter.com/PlsM78lIrY
— ex-secular (@ExSecular) October 12, 2018
इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि तस्वीर फर्जी नहीं है लेकिन उसके साथ जो दावा किया गया है वो गुमराह करने वाला है.
दिलचस्प है कि ट्विटर हैंडल @ExSecular को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, पीयूष गोयल, रामकृपाल यादव और विजय गोयल भी फॉलो करते हैं. इस ट्विटर हैंडल के प्रोफाइल फोटो में महिला की तस्वीर है. इस ट्विटर हैंडल के 54,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं. ट्विटर हैंडल के बायो में लिखा है- “मंदिर वहीं बनाएंगे”. साथ ही लोकेशन की जगह ‘Pale Blue Dot’ लिखा है.
शेयर की जा रही चार तस्वीरों में मंत्री जमीर अहमद खान केले के पत्तों से खाना उठाकर अपने हाथ से वर्दीधारियों को खिलाते दिख रहे हैं. हमने जब खान से संपर्क कर इन तस्वीरों के बारे में पूछा तो उन्होंने इनके असली होने की पुष्टि की. खान ने बताया कि ये तस्वीरें मैसूरू में 10 अक्टूबर को खींची गई, तब वो आधिकारिक हैसियत से दशहरा के अवसर पर ‘फूड फेस्टिवल’ का उद्घाटन करने गए थे.
51 वर्षीय कांग्रेस नेता खान ने इंडिया टुडे को बताया, ‘दशहरा के मौके पर मैसूरू के स्काउट्स और गाइड्स मैदान में मैंने कई फूड स्टाल्स का उद्घाटन किया. ये तस्वीर उसी कार्यक्रम की हैं.’
खान से जब पुलिसकर्मियों को हाथ से खाना खिलाने की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि वो राजनीति में आने से पहले से ही 20 साल से भी ज्यादा अर्से से ऐसा करते आ रहे हैं.
मंत्री ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि इससे भाईचारा बढ़ता है. मैं इसी तरह से दूसरों के हाथ से खुद भी खाना खाता हूं. मैं ऐसे बच्चों के साथ खाना खा रहा था जिनकी आंखों में रोशनी नहीं थी. वहां जो भी मौजूद था, इन पुलिसकर्मियों समेत सभी के साथ मैंने खाना साझा किया.’
खान ने जोर देकर कहा कि ऐसा मतलब निकालना सही नहीं है कि उन्होंने अपने पत्तल (प्लेट) से पुलिसकर्मियों को खाना खाने के लिए मजबूर किया. मंत्री ने ‘खाना साझा करने की परम्परा’ का जो दावा किया, उसका सच जानने के लिए हमने उनके फेसबुक पेज को खंगाला तो वहां इसी कार्यक्रम के वीडियो मिले. इन वीडियो में खान को मीठा ओबेट्टू खुद खाते और कई लोगों को खिलाते देखा जा सकता है. फेसबुक पेज के टाइमलाइन पर कई पुरानी तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं जिनमें खान ऐसे ही खाना शेयर करते नजर आ रहे हैं.
हमें इस कार्यक्रम के सबंध में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी मिलीं ,जहां उनके सद्भावना वाले काम की प्रशंसा की गई है.
हालांकि इस तरीके से खाना साझा करना कई लोगों को पसंद नहीं आया लेकिन ये कहना कि खान ने हिन्दू पुलिसकर्मियों को अपना जूठा खाना खाने के लिए मजबूर किया, पूरी तरह झूठा आरोप है, जिसका मकसद भाईचारे को चोट पहुंचाना हो सकता है.