जम्मू—कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के खत्म होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का सिलसिला जारी है. एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे हैं और उन्हें काबू करने के लिए पुलिस बल प्रयोग करती दिख रही है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कश्मीर में ईद की नमाज के बाद हुए विरोध प्रदर्शन का है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो ताजा नहीं और ये फरवरी महीने का पुराना वीडियो है इस वीडियो को इस साल की शुरूआत में तब शूट किया गया था जब नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था.
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
फेसबुक पेज "Ek Neta Aisa Bhi " ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा: "EID की नमाज के बाद कश्मीर के ताजा हालात, Article 370 के विरोध में सड़क पर उतरे कश्मीरी देखिये क्या हुआ."
वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर हमने गौर किया कि वीडियो के 30वें सेकंड पर "श्रीनगर पुलिस" के बैरिकेड नजर आते हैं, वहीं 33वें सेकेंड पर प्रदर्शनकारियों के हाथ में एक बैनर पर "इम्पलॉईज" लिखा भी दिखता है.
इन संकेतों को आधार बनाते हुए हमने इंटरनेट पर "Employees protest in Srinagar" कीवर्ड्स से सर्च किया तो हमें स्थानीय न्यूज वेबसाइट पर फरवरी में नेशनल हैल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों के प्रदर्शन की खबरें मिलीं.
हमें ग्रेटर कश्मीर नामक वेबसाइट पर इस प्रोटेस्ट की फोटो गैलेरी और न्यूज मिली. फोटो गैलेरी की तस्वीरें वायरल वीडियो से मेल खाती हैं.
इसके बाद हमने "NHM employees protest march in Srinagar" लिखकर यूट्यूब पर सर्च किया तो हमें जम्मू परिवर्तन न्यूज नाम के एक यूट्यूब चैनल पर वो वायरल वीडियो मिल गया. यह वीडियो 12 फरवरी 2019 को अपलोड किया गया था.
दरअसल 12 फरवरी को श्रीनगर में एनएचएम कर्मचारियों ने सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स और कई दूसरी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदर्शनकारी श्रीनगर के प्रताप पार्क से राज भवन की ओर कूच कर रहे थे, जब पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रास्ते में खदेड़ा था.
कश्मीर में हुआ विरोध प्रदर्शन
बीते शुक्रवार जुमे की नमाज के बाद कश्मीर के शोरा में विरोध प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई थीं. गृह मंत्रालय ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया है.
Stories in media on a said incident in Soura region of #Srinagar.
On 09/08, miscreants mingled with people returning home after prayers at a local mosque. They resorted to unprovoked stone pelting against law enforcement forces to cause widespread unrest.@diprjk @JmuKmrPolice
— Spokesperson, Ministry of Home Affairs (@PIBHomeAffairs) August 13, 2019
पड़ताल में साफ हुआ कि वायरल वीडियो शोरा का नहीं बल्कि कश्मीर की राजधानी श्रीनगर का है और करीब छह महीने पुराना है और इसका अनुच्छेद 370 हटाये जाने से कोई लेना देना नहीं है.