सोशल मीडिया पर एक भावुक कर देने वाला पोस्ट खूब वायरल हो रहा है. पोस्ट में दिखाई गई तस्वीर में एक मुस्कुराते हुए आदमी के गले में रस्सी का फंदा बंधा नजर आ रहा है. तस्वीर को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे इस आदमी को सरेआम फांसी पर लटकाया जा रहा है. दावा किया गया है कि इस व्यक्ति का नाम Hamza Bendelladj है जिसने 217 बैंकों को हैक करके 4000 डॉलर लूटे और अफ्रीका व फिलिस्तीन को दान कर दिए. साथ ही यह भी दावा है कि लूट के जुर्म में हमजा को मौत की सजा हुई, जिसे उसने हंसकर स्वीकार किया.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वार रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है. तस्वीर का इसके साथ दिए गए दावे से कोई लेना देना नहीं. पोस्ट को दो अलग-अलग घटनाओं को मिलाकर बनाया गया है.
fact_4_genius नाम के एक इंस्टाग्राम पेज पर इस भ्रामक पोस्ट को शेयर किया गया है. अभी तक लगभग 30,000 लोग इस पोस्ट को लाइक कर चुके हैं.
वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें कुछ अंतरराष्ट्रीय न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें कुछ ऐसी कुछ और तस्वीरें मौजूद थीं. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर में दिख रहे आदमी का नाम Majid Kavousifar था, जिसे अगस्त 2007 में ईरान में एक जज की हत्या के जुर्म में फांसी दी गई थी. जज की हत्या के जुर्म में माजिद के साथ उसके भतीजे को भी फांसी पर चढ़ाया गया था. इन दोनों को फांसी ईरान की राजधानी तेहरान में दी गई थी.
वायरल पोस्ट में जिस Hamza Bendelladj नाम के व्यक्ति का जिक्र किया गया है हमें उससे भी जुड़ी हुई कुछ खबरें मिलीं. खबरों के मुताबिक Hamza Bendelladj नाम के एक अल्जीरियन हैकर को साल 2015 में 200 बैंकों से ऑनलाइन लूट के जुर्म में अमेरिका के कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई थी. इस दौरान ये भी रिपोर्ट हुआ था कि लूटे हुए पैसों को हमजा फिलिस्तीनी चैरिटी में दान करता था. उस समय भी यह अफवाह उड़ी थी कि हमजा को मौत की सजा सुनाई गई है. Hamza को 'Happy Hacker' नाम दिया गया था क्योंकि हिरासत में ले जाते वक्त हमजा को मुस्कुराते हुए देखा गया था.
पिछले साल भी ये भ्रामक पोस्ट वायरल हुई थी जिसको खारिज करते हुए इंडिया टुडे ने खबर प्रकाशित की थी.
हमारी पड़ताल में ये बात साफ होती है कि वायरल तस्वीर में दिख रहा आदमी Hamza Bendelladj नहीं, बल्कि ईरान का एक मुजरिम Majid Kavousifar था, जिसे एक जज की हत्या करने के जुर्म में फांसी हुई थी.