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फैक्ट चेक: ओवैसी के पोस्टर पर कालिख पोतने की ये तस्वीर उत्तर प्रदेश की नहीं है

एक तस्वीर भी शेयर की जा रही है जिसमें ओवैसी के एक पोस्टर पर कालिख लगी हुई देखी जा सकती है. पोस्टर के सामने एक आदमी भी खड़ा नजर आ रहा है. हैशटैग के जरिये तस्वीर को उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है और कहा जा रहा कि यूपी में सिर्फ बीजेपी.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
उत्तर प्रदेश में ओवैसी के एक पोस्टर पर कालिख पोत दी गई.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये तस्वीर लगभग दो साल पुरानी है और झारखंड की राजधानी रांची की है.

सांसद और AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ऐलान कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. इसी सिलसिले में हाल ही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओवैसी ने रोड शो भी किये हैं. ओवैसी के इस दौरे की चर्चा सोशल मीडिया पर भी रही और इसको लेकर "#यूपी_में_ओवैसी" हैशटैग भी ट्रेंड होने लगा.

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इसी हैशटैग के साथ एक तस्वीर भी शेयर की जा रही है जिसमें ओवैसी के एक पोस्टर पर कालिख लगी हुई देखी जा सकती है. पोस्टर के सामने एक आदमी भी खड़ा नजर आ रहा है. हैशटैग के जरिये तस्वीर को उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है और कहा जा रहा कि "यूपी में सिर्फ बीजेपी". ट्विटर पर ये तस्वीर इस हैशटैग के साथ काफी वायरल है. फेसबुक  पर भी कुछ लोगों ने तस्वीर को पोस्ट किया है. वायरल पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. तस्वीर लगभग दो साल पुरानी है और झारखंड की राजधानी रांची की है.

तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें 'जागरण' की 24 सितंबर 2019 की एक खबर मिली. इस खबर में तस्वीर मौजूद थी और इसे रांची का बताया गया था. खबर के अनुसार, ओवैसी रांची के बरियातू मैदान में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे थे. यहां लगे ओवैसी के होर्डिंग पर किसी अज्ञात शरारती तत्व ने कालिख पोत दी थी. इस बात को लेकर वहां हंगामा मच गया था और मौके पर पुलिस को आना पड़ा था. बाद में कालिख को साफ करवाया गया था. ओवैसी का ये संबोधन झारखंड चुनाव के चलते होने वाला था.

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इस मामले पर उस समय कई और खबरें भी प्रकाशित हुई थीं.

सिर्फ यही नहीं, #यूपी_में_ओवैसी" हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर एक और भ्रामक पोस्ट वायरल है. इसमें एक बड़े जन सैलाब की तस्वीर को ओवैसी की उत्तर प्रदेश में रैली का बताया जा रहा है. हालांकि, ये तस्वीर यूपी की नहीं बल्कि बांग्लादेश की है. इंडिया टुडे ने इस पर खबर भी प्रकाशित की है.

यहां साफ हो जाता है कि कालिख पुती हुई ओवैसी की दो साल साल पुरानी तस्वीर को उत्तर प्रदेश का बताकर वायरल किया जा रहा है.

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