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फैक्ट चेक: मंच पर महिलाओं से जूते खाने वाला शख्स नहीं था BJP विधायक

सोशल मीडिया पर हिमांचल परिवहवन के यूनियन लीडर को हमीरपुर से बीजेपी विधायक बताकर दो महिलाओं द्वारा जूतों से मारने का वीडियो खूबपवायरल हो रहा है. इस वीडियो की पड़ताल इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने की है.

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वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट
वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट

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सोशल मीडिया पर एक फेसबुक पोस्ट बहुत शेयर की जा रही है. इस पोस्ट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से बीजेपी विधायक को एक स्वागत समारोह में दो महिलाओं ने जूतों से धुन दिया.

फेसबुक पर पोस्ट के साथ अपलोड किए गए वीडियो को 5,000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. वीडियो के साथ दिए मैसेज में लिखा गया है- “बीजेपी विधायक का स्वागत जूतों से किया गया, हमीरपुर में और करो जुमलेबाज़ी.

फेसबुक पर इस वीडियो को राजेंद्र शुक्ला ने शेयर किया. मध्य प्रदेश के कैलारस में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी प्रमुख राजेंद्र शुक्ला ने वीडियो के साथ जो दावा किया, उसे इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में झूठा पाया. जब राजेंद्र शुक्ला से वीडियो को लेकर संपर्क किया गया तो जवाब मिला- “मुझे ये वीडियो सोशल मीडिया पर मिला था. मैं इसकी प्रमाणिकता को लेकर आश्वस्त नहीं हूं.” 

इस वीडियो में दो महिलाएं एक शख्स के गले में माला डालते दिखती हैं. अचानक एक महिला चप्पल निकाल कर उस शख्स की पिटाई शुरू कर देती है. बैकग्राउंड में एक पोस्टर पर लिखा दिखता है- “हिमाचल परिवहन मजदूर संघ”.   

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हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से बीजेपी विधायक नरिंदर ठाकुर से जब ऐसी किसी घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार किया. ठाकुर ने कहा, “ऐसी कोई घटना हमीरपुर में नहीं हुई. मेरे पर नहीं...हां, हिमाचल रोडवेज ट्रांसपोर्ट यूनियन के एक नेता पर जरूर हमला किया गया था.”

फैक्ट चेक टीम ने कीवर्ड्स “Himachal Pradesh Parivahan Union leader slapped” के साथ इंटरनेट पर सर्च किया तो सामने आया कि उपरोक्त घटना को स्थानीय मीडिया ने खूब कवरेज दी थी. नतीजों ने दिखाया कि हिमाचल रोडवेज श्रम यूनियन के अध्यक्ष पर दो महिला ट्रेनी कंडक्टरों ने इस साल 22 जून को हमला किया था. महिलाओं  ने आरोप लगाया था कि यूनियन अध्यक्ष ने एक ऑडियो लीक किया, जिसमें उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया.

 

जागरण डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों महिलाओं को बाद में बर्खास्त कर दिया गया.

हिमाचल रोडवेज श्रम यूनियन के अध्यक्ष शंकर सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने पुष्टि की कि उन पर 22 जून को इन्हीं महिलाओं ने हमला किया था. शंकर सिंह ने कहा, “एक स्वागत समारोह के दौरान दो महिला ट्रेनी कंडक्टरों ने मुझ पर हमला किया. मुझे लगता है कि वो इसलिए नाराज थीं क्योंकि उन्हों कॉर्पोरेशन में स्थाई नौकरी नहीं दी गई थी.”  

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शंकर सिंह से जब ये पूछा गया कि क्या उनका बीजेपी से कोई नाता है तो उन्होंने कहा, “मैं आरएसएस का कार्यकर्ता हूं लेकिन मेरा बीजेपी से कोई जुड़ाव नहीं है.”

इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने वीडियो के साथ किए गए दावों को अपनी पड़ताल में झूठा पाया. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से बीजेपी विधायक नरिंदर ठाकुर पर नहीं बल्कि कार्यक्रम में हिमाचल रोडवेज श्रम यूनियन के अध्यक्ष शंकर सिंह पर हमला किया गया था.  

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