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फैक्ट चेक: राहुल गांधी ने नहीं दिया गांधी जी से बातचीत होने का बयान, ये वीडियो अधूरा है

राहुल गांधी के एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. लेकिन वीडियो से पूरी बात स्पष्ट नहीं हो रही. राहुल ने जब ये बयान दिया था, तो वो अपने परदादा जवाहरलाल नेहरू के एक पत्र की बात कर रहे थे. दरअसल नेहरू ने इस पत्र में लिखा था कि उनकी गांधी जी से किसी विषय पर बातचीत हुई.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी महात्मा गांधी से सीधी बातचीत हो चुकी है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो अधूरा है जिससे पूरी बात पता नहीं चल रही. असली वीडियो में राहुल कहते हैं कि उनके परदादा जवाहरलाल नेहरू ने एक पत्र में महात्मा गांधी से बातचीत होने का जिक्र किया था.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसने लोगों को अचंभे में डाल दिया है. दरअसल, इसमें राहुल ये कहते दिख रहे हैं कि उनकी गांधी जी से बातचीत हो चुकी है.  

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गांधी जी की मृत्यु साल 1948 में हो गई थी जबकि राहुल गांधी का जन्म 1970 में हुआ था. जाहिर है, लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे में राहुल इतनी अजीब बात कैसे कर सकते हैं.

इस वीडियो में वो कह रहे हैं, “इस मामले पर मेरी गांधी जी के साथ बातचीत हुई, डिस्कशन हुआ. और मेरा पूरा मन, मेरी पूरी लॉजिक कह रही है, कि इस मामले में गांधी जी गलत बोल रहे हैं और मैं सही बोल रहा हूं. मगर मैं जानता हूं, अंदर से मैं जानता हूं कि मेरा दिमाग कह रहा है कि वो गलत हैं और मैं सही हूं. मगर मैं जानता हूं कि वो सही हैं और मैं गलत हूं.”

एक ट्विटर यूजर ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, “इस व्यक्ति ने गांधी जी से डायरेक्ट बात की है! और ये कांग्रेसी इसे प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं?”

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वीडियो पर कमेंट करते हुए बहुत सारे लोग राहुल गांधी पर तंज कस रहे हैं और लिख रहे हैं कि उन्होंने ये बयान नशे में दिया था.    
 
इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि राहुल के बयान का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, वो अधूरा है. इससे पूरी बात स्पष्ट नहीं हो रही. पूरा वीडियो देखकर पता चलता है कि जब राहुल ने ये बयान दिया था, तो वो अपने परदादा जवाहरलाल नेहरू के एक पत्र की बात कर रहे थे. दरअसल नेहरू ने इस पत्र में लिखा था कि उनकी गांधी जी से किसी विषय पर बातचीत हुई.  

कैसे पता लगाई सच्चाई?

कीवर्ड सर्च के जरिये तलाशने पर हमें पता लगा कि ये वीडिया राहुल गांधी के फरवरी, 2022 के एक भाषण से लिया गया है जो उन्होंने गुजरात में आयोजित कांग्रेस के चिंतन शिविर में दिया था.

ये शिविर गुजरात के द्वारका में 25 से 27 फरवरी तक लगा था. इस शिविर के जिस भाषण का एक हिस्सा वायरल हो रहा है, वो कांग्रेस पार्टी के यूट्यूब पेज पर 26 फरवरी को पोस्ट किया गया था.

इस वीडियो में राहुल गांधी कहते हैं, “मेरे परदादा भी गांधी जी के साथ काम करते थे. मैंने उनकी एक चिट्ठी पढ़ी. जो वो गांधी जी के बारे में किसी को लिखी उन्होंने. आपको बात समझ आ जाएगी.

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चिट्ठी में नेहरू जी लिखते हैं कि मैं... इस मामले पे मेरी गांधी जी के साथ बातचीत हुई, डिस्कशन हुआ. और मेरा पूरा मन, मेरी पूरी लॉजिक कह रही है, कि इस मामले में गांधी जी गलत बोल रहे हैं और मैं सही बोल रहा हूं. मगर मैं जानता हूं, अंदर से मैं जानता हूं कि मेरा दिमाग कह रहा है कि वो गलत हैं और मैं सही हूं. मगर मैं जानता हूं कि वो सही हैं और मैं गलत हूं.”

साफ पता लग रहा है कि राहुल गांधी ने अपने बयान की शुरुआत में महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू का जो जिक्र किया है, उसे जानबूझकर हटा दिया गया है. ऐसा इसलिए किया गया ताकि वीडियो देखकर ऐसा लगे कि उन्होंने महात्मा गांधी से अपनी मुलाकात होने की बात कही. 

गुजरात के जिस चिंतन शिविर में राहुल गांधी ने ये बात कही थी, उसके बारे में मीडिया में कई रिपोर्ट्स छपी थीं. इनमें भी वायरल वीडियो से मिलते-जुलते स्क्रीनशॉट देखे जा सकते हैं.

फरवरी के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी गुजरात में पैदा हुई और गांधी जी ने इसे एक दिशा दी.

साफ है, राहुल गांधी के एक पुराने भाषण का छोटा-सा हिस्सा इस तरह शेयर किया जा रहा है कि उनके बयान के बारे में भ्रम फैल रहा है.

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(इनपुट: यश मित्तल)

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