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फैक्ट चैक- ज्योतिरादित्य सिंधिया का मान सम्मान और हाथ में चप्पल! जानिए, इस वायरल तस्वीर की असल कहानी

सोशल मीडिया पर सिंधिया की एक तस्वीर तैरने लगी जिसमें वो हाथ में चप्पल पकड़े दिख रहे हैं. इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स सिंधिया के मान-सम्मान से जोड़कर शेयर कर रहे हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ज्योतिरादित्य सिंधिया की हाथ में चप्पल पकड़े हुए तस्वीर दिखाती है कि उनको बीजेपी में मान-सम्मान नहीं मिल रहा है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
सिंधिया ने चप्पल उन्हीं की सरकार के एक मंत्री को भेंट करने के लिए हाथ में उठाई थी जिसने क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान ना होने तक नंगे पैर रहने का प्रण लिया था. चप्पल अकेले सिंधिया ने नहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हाथ में ली थी.

मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनैतिक दलों ने कमर कस ली है. बीजेपी और कांग्रेस, दोनों पार्टियां, उपचुनाव में अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करने के लिए पूरा जोर आजमाएंगी. बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और पार्टी के कई अहम नेता 22 अगस्त से ग्वालियर-चंबल अंचल के तीन दिन के दौरे पर है. इस दौरान बीजेपी के सदस्यता ग्रहण अभियान में अधिक से अधिक नए सदस्यों को जोड़ने पर फोकस है. ज्योतिरादित्य सिंधिया इसी क्षेत्र से आते है, इसलिए इस काम के लिए उन पर अधिक दारोमदार है. 

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इसी बीच सोशल मीडिया पर सिंधिया की एक तस्वीर तैरने लगी जिसमें वो हाथ में चप्पल पकड़े दिख रहे हैं. इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स सिंधिया के मान-सम्मान से जोड़कर शेयर कर रहे हैं. ये यूजर्स सिंधिया पर तंज कसते हुए कह रहे कि बीजेपी में सिंधिया को अच्छा सम्मान मिल रहा है और उन्हें बीजेपी नेताओं की चप्पल उठानी पड़ रही है. कुछ इंटरनेट यूज़र्स ने तो ये भी दावा किया है कि सिंधिया के हाथ में शिवराज चौहान की चप्पल है. 

18 साल कांग्रेस में बिताने के बाद मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हो गए. उनके समर्थकों ने सिंधिया के कांग्रेस पार्टी से अलग होने को मान, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई बताया. इसी मान-सम्मान को हथियार बनाकर अब लोग वायरल तस्वीर के जरिये सिंधिया पर निशाना साध रहे हैं. 

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क्या है तस्वीर की सच्चाई?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने तस्वीर की पड़ताल की और पाया कि तस्वीर के साथ किये जा रहे दावे आधी सच्चाई बताते हैं. ये तस्वीर 22 अगस्त को ग्वालियर स्थित फूल बाग मैदान में खींची गई, जब पार्टी का इलाके में मेगा शो चल रहा था. सीएम शिवराज समेत मंच पर बीजेपी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे. 

दरअसल राज्य के ऊर्जा मंत्री और ग्वालियर से पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संकल्प लिया था कि जब तक उनके क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, वे नंगे पैर रहेंगे. प्रद्युम्न सिंह तोमर भी उन्हीं नेताओं में से एक थे जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. इसके  चलते उनकी विधायकी भी रद्द हो गई थी. लेकिन मध्य प्रदेश में दोबारा सत्ता में आई शिवराज सरकार में उन्हें  मंत्री पद मिल गया था. तोमर ने शिवराज सरकार में मंत्री पद की शपथ भी नंगे पैर ली थी. 22 अगस्त को भी प्रद्युम्न सिंह तोमर बीजेपी की सभा में बिना चप्पल पहुंचे थे.

इसी के चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच पर तोमर को चप्पल भेंट कर उनका संकल्प तुड़वाया. इस दौरान शिवराज ने भी एक चप्पल सिंधिया से लेकर प्रद्युम्न सिंह तोमर को भेंट की थी. इस पूरे वाकये का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर मौजूद है. वीडियो में देखा जा सकता है कि सिंधिया के साथ शिवराज भी प्रद्युम्न सिंह तोमर को चप्पल भेंट कर रहे हैं. वायरल तस्वीर भी इसी समय खींची गई थी.

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इसी आयोजन की एक तस्वीर को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ट्वीट किया. सिंधिया ने ट्वीट में साथ ही लिखा कि क्षेत्र में पेयजल और स्वच्छता संबंधी काम पूरे हो गए है, इसलिए उन्होंने प्रद्युम्न सिंह तोमर की शपथ तुड़वा दी है. बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद प्रद्युम्न सिंह तोमर भी अन्य विधायकों के साथ कांग्रेस से अलग हो गए थे.

प्रद्युम्न सिंह तोमर के संकल्प पर सीएम शिवराज का कहना था कि ये बीजेपी की परंपरा नहीं है कि लोगों की समस्याओं के लिए मंत्रियों को नंगे पांव घूमना पड़े.

यहां पर ये बात साफ़ हो जाती है कि जिस तस्वीर को लोग सिंधिया के मान सम्मान पर कटाक्ष करते हुए शेयर कर रहे हैं, उसकी कहानी कुछ और है. सिंधिया ने चप्पल जरूर हाथ में उठाई लेकिन ये उन्हीं की सरकार के मंत्री के लिए थी जो कुछ महीनों पहले तक कांग्रेस का हिस्सा थे. साथ ही चप्पल अकेले सिंधिया ने नहीं, राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हाथ में ली थी.

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