सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें पुलिस के दो अधिकारी एक आदमी को पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि इस साउथ अफ्रीकी पिता ने अपनी तीन साल की बेटी के बलात्कारी को पकड़ लिया और उसे बुरी तरह से यातना दी.
तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है, “सोवेटो के इस पिता ने उस आदमी को खोजा जिसने उसकी 3 साल की बेटी के साथ बलात्कार किया था, उसे पेड़ से बांध दिया, बलात्कारी का लिंग काट दिया, उसे पकाया और बलात्कारी को इसे खाने के लिए मजबूर किया.” सोवेटो साउथ अफ्रीका का एक शहर है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह दावा गलत है. फोटो में दिख रहे आदमी को साउथ अफ्रीका की पुलिस ने विदेशी नागरिकों को कथित तौर पर लूटने और उन पर हमला करने के आरोप में पकड़ा था.
यह पोस्ट इस साल अप्रैल से वायरल हो रही है जब ट्विटर यूजर ‘Zaddy Ajala’ ने इसे ट्वीट किया था. स्टोरी लिखे जाने तक उनके ट्वीट को 500 से ज्यादा लोग रीट्वीट कर चुके हैं. फेसबुक पर भी कई यूजर ने इसे शेयर किया है.
वायरल फोटो को इंटरनेट पर रिवर्स सर्च करने पर हमें 'डेली मेल ' पर प्रकाशित एक लेख मिला जिसमें यह फोटो इस्तेमाल की गई है. लेख में इस फोटो के कैप्शन में लिखा गया है, “प्रिटोरिया की सड़कों पर एक मार्च के दौरान विदेशी निवासियों के साथ कथित रूप से लूटपाट और झड़प के बाद एक दक्षिण अफ्रीकी निवासी को पुलिस ने गिरफ्तार किया.”
यह लेख फरवरी, 2017 में प्रकाशित हुआ था, जब साउथ अफ्रीका की राजधानी प्रिटोरिया में ब्लैक साउथ अफ्रीकी नागरिकों और दूसरे अफ्रीकी देशों से आए शरणार्थियों के बीच हिंसा भड़क उठी थी.
वायरल हो रही तस्वीर ‘यूरोपियन प्रेसफोटो एजेंसी’ पर भी उसी सूचना के साथ उपलब्ध है. वहां पर इसका शीर्षक है, “साउथ अफ्रीकी जेनोफोबिया” (South Africa xenophobia). जेनाफोबिया का मतलब होता है विदेशी लोगों को पसंद न करना.
इस तरह यह स्पष्ट है कि वायरल हो रही इस फोटो का उस अफ्रीकी पिता से कोई लेना देना नहीं है जिसने अपनी तीन साल की बेटी के बलात्कारी को खोजा और उसे बुरी तरह यातना दी.
2014 में इस तरह का एक मामला दिल्ली में सामने आया था जब एक गुस्साए व्यक्ति ने अपनी 14 साल की बेटी के कथित बलात्कारी को काफी यातना देने के बाद उसकी हत्या कर दी थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की के पिता ने आरोपी को घर बुलाया, उसके गुप्तांगों को जला दिया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. यह घटना 1 नवंबर, 2014 की है.
इसके पहले AFP फैक्ट चेक भी इस भ्रामक दावे को खारिज कर चुका है.