पिछले दिनों झारखंड में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए तबरेज अंसारी को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हाथ में लाठियां उठाए नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो आगरा का है, जहां तबरेज के समर्थन में मुसलमानों ने जुलूस निकाला.
फेसबुक पर वायरल वीडियो
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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो साल 2014 में बिहार के गोपालगंज में निकाले गए मुहर्रम के जुलूस का है, वहीं ऑडियो साल 2017 में उदयपुर में हुए विरोध प्रदर्शन का है.
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
फेसबुक यूजर "Iddu Ali Khan" ने करीब 1.48 मिनट का यह वीडियो पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखाः "तबरेज अंसारी के समर्थन में आगरा में सबसे बड़ा जुलूस निकला हिंदुस्तान में रहना होगा अल्लाह हू अकबर कहना होगा दलित मुस्लिम मिलकर निकाला जुलूस." खबर लिखे जाने तक इस पोस्ट को कुल 47000 से ज्यादा बार तक शेयर किया जा चुका था.
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने इनविड की मदद से वीडियो के की-फ्रेम्स काटे और फिर इसे रिवर्स सर्च किया. रिवर्स सर्च करने पर हमें यूट्यूब पर 2.38 मिनट लंबा ओरिजनल वीडियो मिला. यह वीडियो 4 नवंबर 2014 को यूट्यूब पर गोपालगंज मुहर्रम 2014 टाइटल के साथ अपलोड किया गया था. इस वीडियो में शुरुआत में ताजिए भी नजर आ रहे हैं. वहीं इसके साथ ऑडियो में किसी तरह के नारे सुनाई नहीं देते, केवल ढोल की आवाज है.
वायरल वीडियो के साथ सुनाई दे रहे नारों के बारे में जानने के लिए हमने इंटरनेट पर "हिंदुस्तान में रहना होगा अल्लाह हू अकबर कहना होगा" लिखकर सर्च किया. हमें यूट्यूब पर उदयपुर का एक वीडियो मिला जिसे 17 दिसंबर 2017 को अपलोड किया गया था. इस वीडियो में सुनाई दे रहा ऑडियो, वायरल वीडियो के ऑडियो से मेल खाता है. इस ऑडियो में "शिवसेना हाय हाय, बजरंग दल हाय हाय और हिंदुस्तान में रहना होगा..." वाले नारे सुने जा सकते हैं.
दरअसल, कथित लव जेहाद के नाम पर एक मुस्लिम युवक की हत्या के आरोपी शंभूलाल रैगर के विरोध में उदयपुर के चेतक सर्कल पर मुस्लिम समुदाय ने रैली का आयोजन किया था. 8 दिसंबर 2017 को किए गए इस विरोध प्रदर्शन में लगाए गए इन नारों के ऑडियो को वायरल वीडियो के साथ जोड़ दिया गया है.
वहीं झारखंड में तबरेज की मौत के विरोध में 1 जुलाई को आगरा में विरोध प्रदर्शन किया गया. इस विरोध प्रदर्शन में कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया जिसके बाद वहां भगदड़ का माहौल हो गया. पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया. कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने इस घटना का कवरेज किया.
पड़ताल में यह साफ हुआ कि वायरल वीडियो आगरा में हुए विरोध प्रदर्शन का नहीं है. वहीं इस वीडियो का ऑडियो भी बदला गया है.