
आपने ऐसी खबरें तो सुनीं ही होंगी जिनमें कोई अजगर किसी जानवर या इंसान को निगल गया. लेकिन क्या आपने किसी ऐसे सांप के बारे में सुना है जो कथित रूप से एके-47 रायफल निगल गया? ये कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चटखारे ले-लेकर सुनाई जा रही है. कहानी सुनाने वाले एक फोटो भी शेयर कर रहे हैं, जिसमें जमीन पर पड़ी एक सांपनुमा चीज नजर आ रही है, जिसके बीच का हिस्सा रायफल के आकार का है.
इस फोटो को शेयर करते हुए एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “रूस में एक सांप एके-47 रायफल निगल गया. कितना बहादुर सांप था.”
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर जो फोटो वायरल है, वो किसी असली सांप की नहीं बल्कि रूसी आर्टिस्ट वसिलि स्लोनोव की रबड़ से बनी एक कलाकृति की है.
सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग वायरल फोटो में दिख रही कलाकृति को असली सांप मानकर उसे शेयर कर रहे हैं. कुछ लोग दुविधा में भी हैं कि क्या ये सचमुच सांप है, और अगर सांप नहीं है तो भला क्या चीज है?
क्या है सच्चाई
हमने पाया कि सोशल मीडिया पर सांप जैसी आकृति की जो फोटो वायरल है, उसे कई आर्ट वेबसाइट्स में बतौर कलाकृति बिक्री के लिए पोस्ट किया गया है.
रिवर्स सर्च करने से ये हमें ‘आर्टसी’ नाम की आर्ट वेबसाइट पर मिली. यहां इसका नाम ‘AK-Python’ लिखा है. साथ ही, ये भी लिखा है कि ये कलाकृति रबड़ से बनी है और इसे वसिलि स्लोनोव नाम के रूसी आर्टिस्ट ने बनाया है.
इसी कलाकृति की दूसरी फोटो हमें ‘आर्टप्राइस’ नाम की वेबसाइट पर भी मिली. यहां लिखा है कि ये कलाकृति साल 2019 में बनी थी.
वसिलि स्लोनोव ने 21 अगस्त 2019 को अपने इंस्टाग्राम पेज पर ‘contemporaryart’ ‘StopWAR’ और ‘WorldPeace’ जैसे हैशटैग्स के साथ वायरल फोटो शेयर की थी.
इसी दिन उन्होंने फेसबुक पर भी अपनी इस कलाकृति की तस्वीरें शेयर की थीं. हमने पाया कि फेसबुक पर वसिलि से किसी ने पूछा था कि ये कलाकृति किस चीज की बनी है, जिसके जवाब में उन्होंने कहा था कि ये रबड़ की बनी है.
वसिलि स्लोनोव रूस के मशहूर आर्टिस्ट हैं जो अपनी कला के जरिये राजनीति से जुड़े विषयों को अकसर उठाते रहते हैं. उनकी कलाकृतियां अकसर मीडिया में चर्चा का विषय बनती रहती हैं.
इससे पहले वेबसाइट ‘स्नोप्स’ भी इस दावे की सच्चाई बता चुकी है. यानी, ये बात साफ है कि रूसी आर्टिस्ट वसिलि स्लोनोव की रबड़ से बनी कलाकृति को कई लोग एके-47 रायफल निगल जाने वाला असली सांप समझ रहे हैं.