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राजस्थान के दो युवकों को जिंदा जलाने के आरोपी मोनू मानेसर के समर्थन और विरोध में पिछले दिनों कई प्रदर्शन हुए. और अब सोशल मीडिया पर इसी घटना के संदर्भ में एक वीडियो वायरल हो गया है. जिसमें सैकड़ों लोग पुलिस के लगाए बैरिकेड्स को हटाकर जबरन आगे बढ़ते दिख रहे हैं. इसे शेयर करते हुए कई लोग कह रहे हैं कि ये हरियाणा में मोनू मानेसर के समर्थन में निकाली गई एक रैली है.
वीडियो में दिख रही भीड़ में मौजूद कुछ लोगों के हाथों में तलवारें भी देखी जा सकती हैं. इसे शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “भारत गंभीर संकट में है. हरियाणा में हत्यारों के समर्थन में रैलियां हो रही है.”
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो हरियाणा का नहीं बल्कि पंजाब के अजनाला शहर का है. दरअसल हाल ही में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उनके साथियों ने अजनाला थाने पर हमला कर दिया था. ये लोग अमृतपाल के साथी तूफान सिंह की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे. ये वीडियो उसी घटना से संबंधित है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के ऊपरी हिस्से में एएनआई (ANI) का लोगो देखा जा सकता है. इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर ये हमें ANI की 24 फरवरी, 2023 की एक वीडियो रिपोर्ट में मिला. इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाला हिस्सा भी मौजूद है.
हमें ये वीडियो वनइंडिया न्यूज के यूट्यूब चैनल पर भी मिला. इसे यहां 23 फरवरी, 2023 को अपलोड किया गया था. वीडियो में साफ तौर पर बताया गया है कि ये घटना अजनाला की है. इस दौरान अमृतपाल भी वहां मौजूद था.
हमें इस घटना से जुड़ी और भी कई न्यूज रिपोर्ट मिलीं जिनमें इसे 23 फरवरी 2023 का बताया गया है. सभी जगह यही लिखा है कि ये वीडियो पंजाब के अजनाला का है. इस घटना से जुड़ी खबर अमर उजाला ने भी छापी थी. इस रिपोर्ट में वीडियो का एक स्क्रीनशॉट देखा जा सकता है.
कौन है अमृतपाल सिंह और क्या है पूरा मामला?
अमृतपाल सिंह, खालिस्तान समर्थक संगठन "वारिस पंजाब दे" के प्रमुख हैं. ये संगठन अभिनेता और ऐक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने शुरू किया था. दीप की पिछले साल फरवरी में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. उनकी मौत के बाद, 29 सितंबर 2022 को अमृतपाल ने खुद को ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख घोषित कर दिया.
अमृतपाल के सहयोगी लवप्रीत सिंह तूफान को 18 फरवरी को पंजाब की अजनाला पुलिस ने दंगे और अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया था. इसके बाद तूफान के समर्थकों ने नाराज होकर अजनाला में पुलिस पर हमला किया था. इस घटना में छह पुलिसवाले घायल हुए थे.
24 फरवरी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद लवप्रीत सिंह तूफान को रिहा कर दिया गया था.
(रिपोर्ट- आशीष कुमार)