उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के लिए नौ सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी. इसी दिन राज्य के करहल में एक दलित महिला का शव मिला, जिसकी हत्या का आरोप उसके परिवार ने समाजवादी पार्टी से जुड़े एक व्यक्ति पर लगाया है. परिवार का कहना है कि महिला को इसलिए मारा गया क्योंकि उसने सपा को वोट देने से इंकार कर दिया था. वहीं, सपा ने इस इल्जाम को गलत बताते हुए दावा किया है कि मामले में गिरफ्तार हुए आरोपी प्रशांत यादव और मोहन कठेरिया का पार्टी से कोई ताल्लुक नहीं है.
अब सोशल मीडिया पर इस घटना का कथित वीडियो वायरल हो गया है. इसमें कुछ लोगों के बीच मारपीट हो रही है. साथ ही, एक शख्स बेरहमी से किसी महिला को ईंट से मारता हुआ दिख रहा है.
वीडियो की शुरुआत में ये शख्स जमीन पर पड़े एक व्यक्ति को ईंट से मारता दिखता है. उसके बचाव में एक महिला आती है और मारने वाले व्यक्ति पर डंडे से वार करती है. जवाब में शख्स महिला पर ईंट से कई वार करता है. वीडियो में कई अन्य लोगों को भी आपस में मारपीट करते देखा जा सकता है.
कुछ लोगों की मानें तो ये करहल में उपचुनाव की वोटिंग के दिन हुई घटना का वीडियो है. इसे शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “कौन-किसको वोट दे रहा ये हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार! करहल में एक दलित की बेटी की हत्या सिर्फ, इसलिए समाजवादी पार्टी के प्रसांत यादव ने कर दिया- क्यूँ कि उस लड़की ने कमल पर वोट डालने को कहा. है कोई सपा के तथाकथित नेता जो-इस पीड़ित परिवार के पक्ष में दोषी के खिलाफ एक शब्द बोल सके?”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये करहल का नहीं, बल्कि यूपी के कुशीनगर जिले में हुई एक अन्य घटना का वीडियो है, जिसमें किसी की मौत नहीं हुई थी.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर ये हमें 19 नवंबर, 2024 के एक ट्वीट में मिला. यहां इसे कुशीनगर का बताया गया है. वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कुशीनगर पुलिस के अधिकारी ने बताया है कि इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है.
हमें इस घटना से संबंधित कई खबरें भी मिलीं. 18 नवंबर, 2024 की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना कुशीनगर के हनुमानगंज थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव की है, जहां दो गुटों के बीच मारपीट हो गई और इस दौरान लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से एक-दूसरे पर हमला कर दिया. मामले में करीब 6 लोगों को चोटें आयीं और तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.
हमने हनुमानगंज के थाना प्रभारी ओम प्रकाश तिवारी से भी संपर्क किया. उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो वाली घटना 18 नवंबर की है. पीड़ित पक्ष का घर जिस रास्ते पर था, वो दूसरे पक्ष के आम के बाग की ओर जाता था. ऐसे में पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाया जा रहा था कि वो उस जगह को खाली कर दें, जबकि जमीन, कानूनी रूप से उन्हीं की थी. इसी के चलते दोनों परिवारों के बीच विवाद हो गया. मामले में राबड़ी देवी की तहरीर पर पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. साथ ही, देवेंद्र चौधरी और विजय चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी और पीड़ित, दोनों ही अनुसूचित जाति (SC) के हैं.
साफ है, कुशीनगर की घटना के वीडियो को करहल का बताते हुए शेयर किया जा रहा है.