उत्तर प्रदेश विधानसभा में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की मुलायम सिंह यादव पर हाल ही में की गई एक टिप्पणी पर जमकर हंगामा हो रहा है. दरअसल, 24 फरवरी को बजट सत्र के दौरान यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सदन में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के ‘लड़कों से गलती हो जाती है’ वाले विवादित बयान को दोहराते हुए विपक्ष पर तंज कसा, जिससे नाराज सपा नेता सदन में नारेबाजी करने लगे. हंगामे के बाद इस बयान को विधानसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया, पर उसके बाद भी ब्रजेश पाठक से माफी और इस्तीफे की मांग करते हुए बरेली में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए.
इसी बीच सोशल मीडिया पर मुलायम सिंह यादव का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वो कथित तौर पर खुद ही सपा को हिन्दू-विरोधी और अपराधियों की पार्टी बता रहे हैं. वीडियो में मुलायम सिंह यादव कहते हैं, “हम तो हिंदुओं के दुश्मन हैं. मुसलमानों के हैं और फक्र के साथ मुसलमानों के साथ हैं. हमारी तो मैगजीन में अपराधियों की पार्टी है ही. मैगजीन में, टीवी पर, जहां देखिए वहां पर. मुलायम सिंह के अपराधी हैं. लाल सेना के अपराधी. हम तो हैं ही अपराधी.”
वीडियो के अंदर टेक्स्ट में लिखा है, “मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या में यूं ही नहीं किया था राम भक्तों का हत्याकांड. अपनी हिन्दू विरोधी छवि को प्रमाणित करने के लिए चलवाई थी गोलियां. हिंदुओं को मिटाने के लिए समाजवादी पार्टी को वोट दें.”
फेसबुक पर ये वीडियो शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “मुलायम यादव का ये वीडियो देखने के बाद भी जो यादव बंधु समाजवादी पार्टी का समर्थन करते हैं उनकी मानसिकता पर बस अफसोस ही जताया जा सकता है.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो अधूरा और एडिटेड है. 1998 के इस भाषण में मुलायम सिंह यादव सपा पर लगाए गए बीजेपी के आरोपों को दोहरा रहे थे. इस बयान के बाद उन्होंने इन आरोपों का खंडन भी किया था, लेकिन वो हिस्सा इस वीडियो से हटा दिया गया है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीवर्ड सर्च की मदद से हमें ‘डिजिटल संसद - पार्लियामेंट ऑफ इंडिया’ के यूट्यूब चैनल पर इस वीडियो का लंबा वर्जन मिला जिसमें 27 मिनट 55 सेकंड पर वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है. यहां बताया गया है कि ये 27 मार्च 1998 में हुई लोकसभा की कार्यवाही का वीडियो है. उस वक्त मुलायम सिंह यादव विपक्ष में थे और अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से लाए गए विश्वास प्रस्ताव पर सदन में भाषण दे रहे थे.
दरअसल, मुलायम सिंह यादव ने अपने भाषण के दौरान बीजेपी को आर्टिकल 370, राम मंदिर, और उत्तर प्रदेश में उस वक्त लाए गए एक नकल कानून को लेकर हमला बोला था. इसके बाद बीजेपी पर अपराधियों को टिकट देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मेरे खिलाफ बीजेपी ने किसी भले आदमी को चुनाव नहीं लड़ाया. ये सुनते ही बीजेपी नेता वीरेंद्र सिंह ने मुलायम सिंह से कहा कि आपने तो मेरे खिलाफ फूलन देवी को चुनाव लड़ाया था. इसी टिप्पणी के बाद मुलायम सिंह यादव ने वायरल वीडियो वाला बयान दिया था.
लेकिन, पूरा वीडियो देखकर पता चलता है कि मुलायम सिंह कह रहे थे कि बीजेपी उनकी पार्टी पर हिन्दू-विरोधी और अपराधियों की पार्टी होने का आरोप लगाती है, जो झूठा साबित हो चुका है. मुलायम सिंह का पूरा बयान नीचे सुना जा सकता है.
असल में, वायरल वीडियो वाले बयान के बीच में ही मुलायम सिंह यादव ने एक जगह कहा था, “स्वच्छ छवि वाले अब आप बताइए. हमारे बारे में तो आपने जाने क्या-क्या बोल दिया है.” लेकिन ये वाक्य वायरल वीडियो में से हटा दिया गया है.
वहीं, पूरे बयान के बाद मुलायम सिंह यादव बोलते हैं, “हम अपराधी नहीं हैं. आप लोग हमें अपराधी कहते रहे. हमारे दलों पर, सब पर भ्रष्टाचारी और अपराधियों के आरोप लगाए. तो हम पर तो आरोप लगते ही रहे आप और हम स्वच्छ छवि वाले साबित हो गए.” मुलायम सिंह यादव के इस पूरे भाषण को संसद की वेबसाइट पर पढ़ा भी जा सकता है.
साफ है, मुलायम सिंह यादव के अधूरे और एडिटेड वीडियो को शेयर करते हुए भ्रम फैलाया जा रहा है.