मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत को थप्पड़ मारने वाली सीआईएसएफ कांस्टेबल कुलविंदर कौर की मां का बता कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ महिलायें पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाती हुई देखी जा सकती हैं. कहा जा रहा है कि ये कुलविंदर कौर की मां हैं जिन्होने किसान आंदोलन के दौरान ये नारे लगाए थे. वायरल वीडियो पंजाब केसरी की एक पुरानी रिपोर्ट का है.
एक एक्स यूजर ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “खुलासा हुआ है कि पंजाब में जो मर जा मोदी मर जा मोदी के नारे जो महिला लग रही थी वही सीआईएसएफ की कांस्टेबल की मां है जिसने कंगना राणावत को थप्पड़ मारा था
अब आपको पता चल गया होगा कि यह कितने जहरीले माहौल में रहती है” वायरल वीडियो को फेसबुक पर भी इन्हीं दावों के साथ शेयर किया गया है. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड् वर्जन यहां देखा जा सकता है.
दरअसल 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के बीच कंगना रनौत ने वहां बैठी महिलाओं को 100-100 रुपये लेकर आंदोलन करने वाली कहा था. चंडीगढ़ एयरपोर्ट के विवाद के सामने आने के बाद कुलविंदर कौर को एक वीडियो में यही कहते हुए सुना गया कि कंगना ने आंदोलन में बैठी जिन महिलाओं के लिए ये बयान दिया था उनमें उनकी मां भी थीं.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी करती महिला कुलविंदर कौर की मां नहीं बल्कि ट्रेड यूनियन से जुड़ी नेता उषा रानी हैं.
कैसे पता चली सच्चाई?
किसान आंदोलन और पंजाब केसरी से जुड़े कीवर्ड्स के आधार पर खोजने पर हमें वायरल वीडियो का पूरा हिस्सा पंजाब केसरी के यूट्यूब चैनल पर मिला. इसे यहां 14 दिसंबर 2020 को अपलोड किया गया था.
थोड़ा और खोजने पर हमें 14 दिसंबर 2020 की ही “न्यूज तक” की वीडियो रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो को दिल्ली-जयपुर हाइवे पर हुए किसान आंदोलन का बताया गया है. बता दें कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ नवंबर-दिसम्बर 2020 में दिल्ली की सरहदों पर आंदोलन शुरू हुआ था.
“न्यूज तक” की रिपोर्ट में हमें अखिल भारतीय किसान सभा के झंडे दिखे. इसके साथ ही हमें एक बैनर दिखा जिसपर “किसान आंदोलन, घड़साना से दिल्ली (राजस्थान)” लिखा हुआ है. इस जानकारी के आधार पर हमने इस क्षेत्र के किसान नेताओं से बात की. अखिल भारतीय किसान सभा के नेता सुमित ने हमें बताया कि वायरल वीडियो में खड़े होकर नारेबाजी कर रहीं महिला उषा रानी हैं.
हमने उषा रानी से संपर्क किया. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया कि वो सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीआईटीयू) की राष्ट्रीय सचिव हैं. उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वीडियो में नारेबाजी कर रही महिला वही हैं. उषा ने बताया कि ये वीडियो 13 दिसंबर 2020 का है जब दिल्ली-जयपुर हाइवे पर स्थित शाहजहांपुर बॉर्डर पर राजस्थान से आई महिलायें किसान आंदोलन में शामिल हुई थीं.
जब हमने उषा रानी से पूछा कि क्या इस दौरान कांस्टेबल कुलविंदर कौर की मां भी उनके साथ थीं, तो उषा ने कहा कि उनके साथ पंजाब की कोई महिला किसान नहीं थी.
हमें उषा रानी ने “एबीपी सांझा” की उसी समय की एक रिपोर्ट भेजी जिसमें उन्हें वायरल वीडियो वाले कपड़ों में ही देखा जा सकता है.
कौन हैं कुलविंदर कौर की माँ?
बीबीसी की एक वीडियो रिपोर्ट में बताया गया है कि कुलविंदर कौर पंजाब के कपूरथला जिले के महिवाल गांव की हैं. बीबीसी ने कुलविंदर के भाई शेर सिंह और मां वीर कौर से बात की है. वीर कौर ने बताया है कि वो किसान आंदोलन के समय बॉर्डर पर अपनी जमीन बचाने के लिए बैठी थीं.
उषा रानी और कुलविंदर कौर की शक्ल मिलाने से भी ये साफ हो जाता है कि पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रही महिला सीआईएसएफ कांस्टेबल की मां वीर कौर नहीं हैं.
इसके बाद हमने आजतक के कपूरथला संवाददाता सुकेश गुप्ता के जरिये कुलविंदर कौर की मां से भी बात की. आजतक से बातचीत में उन्होंने बताया कि वो किसान आंदोलन के दौरान सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रही थीं. उन्होंने ये भी बताया कि वो राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर नहीं गई थीं.
यहां हमारी पड़ताल से साफ हो जाता है कि पीएम मोदी के खिलाफ किसान आंदोलन में नारेबाजी कर रही एक महिला को कुलविंदर कौर की मां बता कर भ्रामक दावा किया जा रहा है.