अयोध्या का कथित जमीन घोटाला इस समय काफी चर्चा में है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राम मंदिर से जुड़ी एक जमीन की खरीद में हेराफेरी हुई है. आरोप है कि मिनटों पहले जो जमीन दो करोड़ की थी उसे ट्रस्ट ने साढ़े 18 करोड़ में खरीद लिया. इस मामले के सामने आने बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा है जिसमें एक मीटिंग में दो व्यक्तियों के बीच मार-पीट होती दिख रही है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये आम आदमी पार्टी के एक विधायक और सांसद संजय सिंह हैं जिन्होंने दिल्ली में पार्टी की एक मीटिंग में एक-दूसरे की जूते से पिटाई की.
वीडियो की शुरुआत में कुर्सी पर बैठे दो आदमियों के बीच तीखी बहस होती दिख रही है. अचानक इनमें से एक व्यक्ति खड़ा हो जाता है और दूसरे पर जूते से हमला करने लगता है. दूसरा आदमी भी इसके जवाब में भिड़ जाता है और हाथापाई शुरू कर देता है. आखिर में पुलिस बीच-बचाव करते हुए दिखती है और अफरा-तफरी के साथ वीडियो खत्म हो जाता है.
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. वीडियो में मारपीट करते दिख रहे व्यक्ति आम आदमी पार्टी के नेता नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से बीजेपी के एक विधायक और पूर्व सांसद हैं. वीडियो मार्च 2019 का है जब संत कबीर नगर से तत्कालीन बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी ने बीजेपी के ही एक विधायक राकेश सिंह बघेल की जूते से पिटाई कर दी थी.
इस वीडियो को शेयर करते हुए फेसबुक यूजर्स कैप्शन में लिख रहे हैं, "दिल्ली में आप आदमी पार्टी* की मीटिंग चल रही थी और सांसद संजय सिंह ने अपने विधायक को जूते से पीटा,*उसके बाद उसी विधायक जी ने संजय सिंह को अच्छी तरह जूते से... " ट्विटर पर भी वीडियो गलत दावे के साथ वायरल है. वायरल पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.
क्या है सच्चाई?
कुछ कीवर्ड्स की मदद से खोजने पर हमें इस वीडियो को लेकर कई खबरें मिलीं. इनमें बताया गया है कि ये मामला मार्च 2019 का है जब यूपी के संत कबीर नगर से तत्कालीन बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी की जिले के ही एक बीजेपी विधायक राकेश सिंह बघेल से मारपीट हो गई थी. इसका वीडियो उस समय काफी वायरल हुआ था क्योंकि एक ही पार्टी के सांसद और विधायक में जोरदार लड़ाई हो गई थी जिसमें जूते तक चल गए थे.
खबरों के अनुसार, जिले में वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं की मीटिंग चल रही थी. इस दौरान शरद त्रिपाठी की शिकायत थी कि जिले के विकास कार्यों को दिखाने लिए इस्तेमाल हो रहे शिलापट्ट में उनका नाम नहीं लिखा जा रहा है. इस बात पर बीजेपी विधायक राकेश बघेल ने आपत्ति जताई. उन्होंने शरद त्रिपाठी को जूते से मारने की धमकी दी. इसी पर आक्रोशित हो कर शरद त्रिपाठी ने बघेल को जूते से मारना शुरू कर दिया. राकेश बघेल ने भी शरद त्रिपाठी को थप्पड़ मारे थे.
मामले में जिला कलेक्ट्रेट ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. ये मामला कोर्ट तक चला गया था लेकिन इसी साल पूर्व सांसद और विधायक को इस केस में राहत मिल गई थी.
यहां इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वीडियो को गलत जानकारी के शेयर किया जा रहा है. बीजेपी नेताओं की आपस में मारपीट को आप नेताओं से जोड़ा जा रहा है.