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फैक्ट चेक: बहराइच हिंसा से पहले हुए बुलडोजर एक्शन का है ये वीडियो, रामगोपाल मिश्रा की हत्या के आरोपियों से नहीं है कोई संबंध

बहराइच में रामगोपाल मिश्रा की हत्या की जांच करते हुए पुलिस ने अब तक 80 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. इस दौरान एक मुठभेड़ में दो आरोपियों को पैर में गोली भी लगी है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि रामगोपाल मिश्रा की हत्या करने वालों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है. इसी को लेकर आजतक की टीम ने फैक्ट चेक किया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये बहराइच का वीडियो है जहां रामगोपाल मिश्रा की हत्या के आरोपियों के घरों को बुलडोजर के जरिये ध्वस्त कर दिया गया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो है तो बहराइच का लेकिन इसका वहां हुई हिंसा से कोई संबंध नहीं है. ये सितंबर 2024 का वीडियो है जब हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया था.

उत्तर प्रदेश के बहराइच में रामगोपाल मिश्रा की हत्या की जांच करते हुए पुलिस ने अब तक 80 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. इस दौरान एक मुठभेड़ में दो आरोपियों को पैर में गोली भी लगी है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि रामगोपाल मिश्रा की हत्या करने वालों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है. वायरल हो रहा वीडियो ड्रोन से शूट किया गया है, जिसमें ध्वस्त हो चुकी कई इमारतों का मलबा देखा जा सकता है.  

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वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, गोपाल की हत्या करने वालों आखें फाड़ के देख लो.... ये बाबा का न्याय है बहराइच का वजीरगंज बना.... गाज़ा जिस गली से पत्थर निकलेगा उस गली में बुलडोज़र घूमेगा गोपाल को जिन्होंने मारा था, उनके घरों को जमीदोज़ कर दिया गया है”. ऐसे ही कैप्शन्स के साथ वायरल वीडियो फेसबुक पर भी कई यूजर्स शेयर कर चुके हैं.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वीडियो का रामगोपाल मिश्रा की हत्या से कोई संबंध नहीं है. ये बहराइच के वजीरगंज इलाके का वीडियो है जहां सितंबर 2024 में कोर्ट के आदेश पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी.

कैसे पता चली सच्चाई?

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. इसे यहां 28 सितंबर को अपलोड किया गया था. इतनी बात तो यहीं साफ हो गई कि इस वीडियो का रामगोपाल मिश्रा या बहराइच में हुई हिंसा से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि ये हिंसा 13 अक्टूबर को हुई थी.

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इंस्टाग्राम पर mr__bablu__khan07 नाम के एक अकाउंट पर वायरल वीडियो के अलावा इससे मिलते-जुलते अन्य वीडियो भी अपलोड किए गए हैं. वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, ये बहराइच के वजीरगंज इलाके का वीडियो है.

कीवर्ड्स के जरिये सर्च करने पर हमें बहराइच के वजीरगंज में 25 सितंबर 2024 को हुई बुलडोजर कार्रवाई से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं. खबरों के अनुसार, 25 सितंबर को बहराइच जिले के फखरपुर थाना क्षेत्र के सराय जगना गांव में सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण को बुलडोजर के जरिये हटाया गया था. ये कार्रवाई 23 घरों पर हुई थी. खबरों में बताया गया है कि ये कार्रवाई हाई कोर्ट के मई 2023 में दिए एक आदेश के आधार पर हुई थी.

 

अब बात करते हैं उस जगह की जहां 13 अक्टूबर को हिंसा हुई. खबरों के अनुसार, रामगोपाल मिश्रा ने जिस घर की छत पर चढ़कर हरा झंडा उतार कर भगवा झंडा फहराया था, वो बहराइच के महसी तहसील के महाराजगंज बाजार में है. जिस घर में रामगोपाल की हत्या हुई, वो घर भी इसी इलाके में है. वहीं, 25 सितंबर को जहां बुलडोजर कार्रवाई हुई थी, वो हिंसा वाली जगह से करीब 30 किलोमीटर दूर है.

हमने देखा कि बहराइच पुलिस ने भी एक्स पर वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे का खंडन किया है.

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यहां ये बात साफ हो जाती है कि सितंबर 2024 के वीडियो को बहराइच हिंसा के आरोपियों पर हुए बुलडोजर एक्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है.

हालांकि, खबरों के मुताबिक पीडब्ल्यूडी ने हिंसा वाले इलाके के 23 घरों पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया है. 19 अक्टूबर को लगाए इस नोटिस को रामगोपाल मिश्रा की हत्या के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अब्दुल हमीद के घर पर भी लगाया गया है. प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया है.

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