
हाल ही में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबाड़ी इलाके में दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई थी. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों को एक इलाके में तोड़फोड़ करते और आगजनी करते हुए देखा जा सकता है.
वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये पश्चिम बंगाल की घटना है जहां हिंदुओं के घरों और दुकानों को आग के हवाले किया जा रहा है.
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लोग लिख रहे हैं, "पश्चिम बंगाल की *** सरकार के कारण हो रहा हिन्दुओं पर अत्याचार! जलाएं जा रहे हैं हिन्दुओं के घर-दुकान-मकान! पुलिस प्रशासन हुआ लाचार!"
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो पश्चिम बंगाल का है और न ही भारत का. ये वीडियो बांग्लादेश के पबना जिले का है जहां एक मजार में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की थी.
कैसे पता लगाई सच्चाई
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को रिवर्स इमेज सर्च की मदद से खोजने पर हमें ये 'जन्नत प्रियोति' नाम के एक फेसबुक यूजर की प्रोफाइल पर मिला. यहां 25 मार्च को वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया था कि ये दोगाछी यूनियन नाम की जगह का है जहां एक पीर के आवास को ध्वस्त कर दिया गया.
इस जानकारी की मदद से खोजने पर हमें 23 मार्च 2025 को छपी कई बांग्लादेशी न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. 'चैनल 24' और 'बंगला ट्रिब्यून' की रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 22 मार्च को बांग्लादेश के पबना जिले के दोगाछी इलाके में एक मजार में उपद्रवियों के एक गुट ने तोड़फोड़ की थी और आग लगा दी थी. आरोप था कि मजार में अश्लीलता चल रही थी.
खबरों के मुताबिक, कुछ सालों पहले दिलावर हुसैन सईद नाम के एक शख्स ने खुद को पीर बताकर अपने घर में एक मजार बना ली थी. अश्लीलता के साथ ये आरोप भी लगे थे कि मजार की आड़ में वो नशीली सामग्रियों का धंधा चलाता है. कई बार गांव वालों ने आपत्ति जताई थी. पुलिस ने भी चेतावनी दी थी. इसके बावजूद जब उस मजार को बंद नहीं किया गया तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा कर दिया.
इस घटना के बाद 'विश्व सूफी संस्था' की तरफ से ढाका में प्रदर्शन किया गया था. साथ ही उपद्रवियों के खिलाफ कानूनी करवाई न होने पर बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस का कार्यालय घेरने की चेतावनी भी दी गई थी.
इस तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के दूसरे कई वीडियो शेख हसीना की पार्टी 'आवामी लीग' के ऑफिशियल फेसबुक पेज शेयर किए गए थे. साथ ही 'पबना न्यूज', 'जदीद टीवी बंगला' जैसे कई स्थानीय मीडिया संस्थाओं ने भी इस घटना के वीडियो को फेसबुक और यूट्यूब पर अपलोड किया था.