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फैक्ट चेक: किसान आंदोलन की वजह से नहीं निरस्त हुआ ब्रिटिश पीएम का भारत दौरा

इस साल गणतंत्र दिवस पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन बतौर मुख्य अतिथि भारत आने वाले थे. इस घोषणा के बाद कुछ किसान नेताओं ने बयान दिया था कि वे बोरिस को पत्र लिखकर उनसे गुजारिश करेंगे कि जब तक भारत सरकार उनकी मांगें मान न ले, तब तक वे भारत आने का आमंत्रण स्वीकार न करें.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने किसान आंदोलन की वजह से गणतंत्र दिवस पर अपना भारत दौरा निरस्त कर दिया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
बोरिस जॉनसन ने अपना भारत दौरा कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की वजह से निरस्त किया, जिसके चलते ब्रिटेन में एक बार फिर से हालात गंभीर हो गए हैं.

इस साल गणतंत्र दिवस पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन बतौर मुख्य अतिथि भारत आने वाले थे. इस घोषणा के बाद कुछ किसान नेताओं ने बयान दिया था कि वे बोरिस को पत्र लिखकर उनसे गुजारिश करेंगे कि जब तक भारत सरकार उनकी मांगें मान न ले, तब तक वे भारत आने का आमंत्रण स्वीकार न करें.

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बाद में बोरिस का भारत दौरा निरस्त होने की खबर आई. इस खबर के आने के बाद से ही लगातार किसान संगठन इस पर खुशी जताते हुए इसे ‘किसानों की जीत’ करार दे रहे हैं. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ने एक बयान में कहा, “ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की भारत यात्रा रद्द होना किसानों के लिए एक राजनीतिक जीत और मोदी सरकार के लिए कूटनीतिक हार है, दुनियाभर के राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन (किसानों के) आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.”

सोशल मीडिया पर भी कई लोग ऐसा लिख रहे हैं कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपना दौरा किसान आंदोलन और किसानों पर हो रहे अन्याय की वजह से निरस्त किया.

एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “किसान आंदोलन की अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी जीत. ब्रिटेन के पीएम ने गणतंत्र दिवस पर होने वाला भारतीय दौरा रद्द किया.”

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इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. 

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपना भारत दौरा वहां पाए गए कोरोना के नए स्ट्रेन के चलते निरस्त किया था, न कि किसान आंदोलन के चलते.

सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग ‘#जोहार_किसान’हैशटैग के साथ इस बात को सच मानते हुए पोस्ट डाल रहे हैं कि बोरिस जॉनसन ने अपना भारत दौरा इसलिए निरस्त किया क्योंकि वे किसान आंदोलन के समर्थन में हैं. ऐसे ही एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “26 जनवरी का ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन का भारत दौरा निरस्त. जोहार आदिकिसान!”यानी बोरिस का दौरा निरस्त होना किसानों की जीत है, जिस पर वे अभिवादन के हकदार हैं.

क्या है सच्चाई 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आगामी गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि अपना भारत दौरा इसलिए निरस्त किया क्योंकि वहां कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं. प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है. साथ ही, ये भी लिखा है कि बोरिस ने गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर न्यौता दिए जाने को लेकर शुक्रिया अदा किया. ये भी कहा कि वे निकट भविष्य में भारत आने के लिए बेहद उत्सुक हैं.

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हाल ही में यूके में कोविड-19 बीमारी का नया स्ट्रेन पाए जाने की खबर आई थी जिसके बाद वहां लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था.

लंदन स्थित भारतीय हाई कमीशन के ट्विटर पेज पर भी बोरिस की भारत यात्रा निरस्त करने का स्पष्टीकरण दिया गया है. साथ ही, पीआईबी की प्रेस रिलीज भी शेयर की गई है.

हाल ही में बोरिस जॉनसन ने किसान आंदोलन पर बयान देते हुए इसे भारत-पाकिस्तान का मुद्दा बता दिया था, जिसे लेकर उनका काफी मखौल उड़ा था.

हमें ऐसी कोई रिपोर्ट या दस्तावेज नहीं मिला जिसमें कहा गया हो कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने किसान आंदोलन की वजह से गणतंत्र दिवस के मौके पर अपना भारत दौरा निरस्त किया.

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