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फैक्ट चेक: गलत दावे के साथ वायरल हुई शहीद मनदीप सिंह की तस्वीर

वायरल पोस्ट के दावे का सच जानने के लिए हमने मनदीप सिंह के बारे में इंटरनेट पर सर्च शुरू किया तो पाया कि मनदीप अक्टूबर 2016 में कश्मीर के माछिल सेक्टर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे. शहीद मनदीप 17 सिख रेजिमेंट के जवान थे और 30 अक्टूबर 2016 को कुरुक्षेत्र स्थित उनके गांव अंटेहड़ी में उनका अंतिम संस्कार हुआ था.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
जवान मनदीप सिंह 13 मई 2018 को पुलवामा में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए.
फेसबुक पेज Mission Modi 2019  में अपने 100 मित्रों को जोड़ें
सच्चाई
चार में से तीन तस्वीरें और उनके साथ किया गया दावा गलत है. मनदीप सिंह अक्टूबर 2016 को माछिल सेक्टर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए थे.

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पिछले महीने जम्मू-कशमीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का सिलसिला बढ़ गया है. इन दिनों फेसबुक पर एक वीडियो और चार तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. इनमें दावा किया जा रहा है कि 13 मई 2018 को पुलवामा में आतंकियों से लड़ते हुए जवान मनदीप सिंह शहीद हो गए.

fb_032019073426.pngफेसबुक पर वायरल पोस्ट

वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां  देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रही तस्वीरों में से केवल एक तस्वीर और वीडियो मनदीप सिंह की है. मनदीप सिंह अक्टूबर 2016 में माछिल सेक्टर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे.

फेसबुक पेज "Mission Modi 2019 में अपने 100 मित्रों को जोड़ें" पर "यूजर देव सेना जयपुर" ने ये पोस्ट शेयर किया है. इसमें सेना के किसी जवान की अंतिम यात्रा का वीडियो है. इसके अलावा एक तस्वीर में सेना के कुछ जवान एक सैनिक का पार्थिव शरीर ले जाते नजर आ रहे हैं, जबकि एक तस्वीर जवान मनदीप सिंह की है. उनकी वर्दी पर उनके नाम का बैज देखा जा सकता है. इसके अलावा दो तस्वीरों में एक घायल जवान दिख रहा है. ये पोस्ट पहली बार 13 मई 2018 को फेसबुक पर डाली गई थी जिसके साथ कैप्शन लिखा गया था: "#कश्मीर के पुलवामा में आज आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए #मनदीप_सिंह को मेरा शत शत नमन, जय हिंद, मनदीप सिंह अमर रहे." ये पोस्ट एक बार फिर वायरल हो रही है. फेसबुक पेज "We Support Narendra Modi Ji"  और "Vikas Chandorkar"  पर भी ये पोस्ट शेयर की गई है.

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वायरल पोस्ट के दावे का सच जानने के लिए हमने मनदीप सिंह के बारे में इंटरनेट पर सर्च शुरू किया तो पाया कि मनदीप अक्टूबर 2016 में कश्मीर के माछिल सेक्टर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे. शहीद मनदीप 17 सिख रेजिमेंट के जवान थे और 30 अक्टूबर 2016 को कुरुक्षेत्र स्थित उनके गांव अंटेहड़ी में उनका अंतिम संस्कार हुआ था. इंडिया टुडे सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.

वायरल पोस्ट में मौजूद वीडियो मनदीप की अंतिम यात्रा की ही है. अमर उजाला ने मनदीप के अंतिम संस्कार की कुछ तस्वीरों के साथ एक फोटो स्टोरी प्रकाशित की थी जिसमें हरा सूट पहने सफेद दुपट्टा ओढ़े उनकी पत्नी प्रेरणा को रोते देखा जा सकता है. वायरल वीडियो में भी प्रेरणा उन्हीं कपड़ों में दिखाई देती हैं.

पोस्ट की दूसरी तस्वीर जिसमें कुछ जवान एक पार्थिव शरीर लेकर जाते दिख रहे हैं, ये तस्वीर 12 मई 2018 को पुलवामा में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान की है. न्यूज 18 की गुजराती वेबसाइट पर 13 मई 2018 को छपी एक खबर में ये तस्वीर देखी जा सकती है.

पोस्ट की तीसरी तस्वीर मनदीप सिंह की ही है, उनकी वर्दी पर उनके नाम का बैज भी दिखाई दे रहा है. वहीं चौथी और पांचवीं तस्वीर में गोली लगे, खून से लथपथ एक जवान स्ट्रेचर पर नजर आ रहा है. इस जवान का चेहरा मनदीप से नहीं मिलता.

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हालांकि स्ट्रेचर पर लेटे इस जवान के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी. पड़ताल में ये साफ हुआ कि मनदीप सिंह मई 2018 में नहीं बल्कि अक्टूबर 2016 को शहीद हुए थे. उन्होंने पुलवामा में नहीं बल्कि माछिल में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान प्राण गंवाए थे.

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