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फैक्ट चेक: पीएम मोदी के नाम पर ये एक आदमी कैसे चला रहा है तमाम फर्जी योजनाएं

आप में बहुत से लोगों ने देखा होगा कि त्योहारों के मौसम में इंटरनेट पर कई सरकारी योजनाओं के विज्ञापन घूम रहे हैं जिनमें घर बैठे पैसे कमाएं, मुफ्त टैबलेट, इंटरनेट डेटा जैसे ऑफर दिए जा रहे हैं. इनमें से कई योजनाओं को विश्वसनीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है, ताकि लोग यकीन कर लें.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कोविड-19 महामारी को देखते हुए सरकार छात्रों को मुफ्त टैबलेट मुहैया करा रही है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
सरकार की तरफ से ऐसी कोई योजना नहीं है. यह सोशल मीडिया पर चल रहा एक फ्रॉड है.

आप में बहुत से लोगों ने देखा होगा कि त्योहारों के मौसम में इंटरनेट पर कई सरकारी योजनाओं के विज्ञापन घूम रहे हैं जिनमें घर बैठे पैसे कमाएं, मुफ्त टैबलेट, इंटरनेट डेटा जैसे ऑफर दिए जा रहे हैं. इनमें से कई योजनाओं को विश्वसनीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है, ताकि लोग यकीन कर लें.

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करीब-करीब ये सारी कथित सरकारी योजनाएं ऐसा फर्जीवाड़ा है जो लोगों का निजी डेटा चुराने और उन्हें धोखा देने के लिए डिजाइन की गई हैं.

हालांकि, भारत सरकार का सूचना विभाग 'प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो' कई बार ऐसे दावों का खंडन कर चुका है, लेकिन इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) जो खुलासा करने जा रहा है, वह हैरान करने वाला है. इनमें से ज्यादातर फर्जी योजनाओं को एक ही व्यक्ति ने डिजाइन किया है और वही इन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा है!  

हमने पाया कि समय-समय पर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रहीं इन योजनाओं में कई समानताएं हैं. मसलन, इस व्यक्ति ने इन फर्जी योजनाओं को डिजाइन करने के लिए मुफ्त ब्लॉगिंग वेबसाइट "blogspot.com" का इस्तेमाल करके कई पेज बनाए हैं. 

हालांकि, इस व्यक्ति ने अपनी ऑनलाइन पहचान को छुपाने के लिए काफी जतन किया है, लेकिन हमें कुछ ऐसे सुराग मिले जिनसे इन योजनाओं के बारे में अहम जानकारी मिलती है.

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कैसे लगा इस व्यक्ति का सुराग 

1. AFWA ने गौर किया कि इन सभी योजनाओं में एक जैसा पैटर्न है. इनके लिंक पर क्लिक करने पर आप एक अलग पेज पर पहुंचते हैं, जहां आपसे अपनी डिटेल देने को कहा जाता है और फिर लिंक को शेयर करने के लिए कहा जाता है. इससे ये शक पैदा होता है कि इस तरह के पेजेज का मकसद सिर्फ लोगों का डेटा जुटाना है जो संभवत: मार्केटिंग कंपनियों को बेच दिया जाता है.

इसके अलावा, इनमें से ज्यादातर लिंक के यूआरएल के अंत में “blogspot.com” है जो अजीब है क्योंकि आम तौर पर सरकारी वेबसाइट के लिए “nic.in” या “gov.in” का डोमेन इस्तेमाल होता है.

2. किसी वेबसाइट का रजिस्ट्रेशन डिटेल पता करने के लिए आम तौर पर “Whois Lookup” का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इस मामले में ये तरीका काम नहीं करता क्योंकि ज्यादातर पेज “blogspot.com” पर बनाए गए हैं इसलिए सर्च रिजल्ट में हमें किसी एक पेज के बजाय “blogspot.com” बेबसाइट के बारे में जानकारी देता है. 

इसलिए हमने इन पेजेज का HTML कोड खंगालने का निर्णय लिया. गौर करने वाली बात ये भी है कि इन फर्जी पेजेज के “contact” या “about me” सेक्शन में कोई जानकारी नहीं है. इससे ये कन्फर्म होता है कि इन पेजेज के पीछे जो भी व्यक्ति है वह अपने बारे में कोई जानकारी जाहिर नहीं करना चाहता और उसका इरादा ठीक नहीं है.

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3. हर वेबसाइट में एक यूनीक कोडिंग होती है, जो इसके क्रिएशन के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी देती है. इसलिए हमने फ्री टैबलेट देने वाले इसी तरह के एक फर्जी पेज की कोडिंग खंगालनी शुरू की. हमने पेज पर राइट क्लिक किया और  पेज के “inspect” ऑप्शन पर गए तो इस वेब पेज की HTML की कोडिंग खुल गई. हमने इसकी HTML कोडिंग में गहराई से छानबीन की ताकि इस पेज के पीछे मौजूद व्यक्ति के बारे में और ज्यादा जानकारी मिल सके.

4. HTML कोड को देखते हुए हमें “blogger.com” डोमेन पर तीन और प्रोफाइल मिलीं. इनमें से दो प्रोफाइल अब काम नहीं कर रही हैं. हालांकि, तीसरी प्रोफाइल अब भी काम कर रही है जिसमें तारीख के साथ इस तरह की 70 फर्जी योजनाओं की जानकारी मिली.

5. हमने दो अन्य ब्लॉगों की प्रोफाइल आईडी की भी पड़ताल की, जो अब फंक्शनल नहीं हैं. इनमें से एक प्रोफाइल का आईडी नंबर 09834359655435695864 है. गूगल पर इस प्रोफ़ाइल आईडी नंबर को खोजने पर हम “Future Cars” नाम के एक अन्य ब्लॉग पर पहुंच गए. इस ब्लॉग का यूआरएल “http://yash169.blogspot.com” है.

  

6. इस ब्लॉग के बॉटम पर इस व्यक्ति ने अपना परिचय यश के रूप में दिया है और अपनी ईमेल आईडी “YASH.NAHAR.169@GMAIL.COM” भी दी है. इस तरह अब हमारे पास एक ईमेल आईडी आ गई जिसका इस्तेमाल इन धोखाधड़ी वाले पेजेज और योजनाओं के फर्जीवाड़े के लिए किया गया है.  

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7. Blogspot.com पर होस्ट की गई ऐसी ही कई फर्जी योजनाओं के प्रोफाइल डिटेल खंगालते हुए हमने पाया यह व्यक्ति मुफ्त टी-शर्ट, सेक्स चैट सर्विस, मुफ्त लैपटॉप और मुफ्त इंटरनेट देने के नाम पर लोगों को ठग रहा है.

सबसे हैरानी की बात ये है कि लोगों को ठगने के लिए सिर्फ नाम ही नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर का भी जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है. इन फर्जी योजनाओं में से कई का पीआईबी ने खंडन किया है, इसके बाद भी ये फर्जीवाड़ा बेरोकटोक जारी है.

8. चूंकि, आम तौर पर लोग अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक ही यूजर आईडी का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए हमने ईमेल आईडी yash.nahar.169@gmail.com से क्लू लेते हुए ये सर्च करने की कोशिश की कि क्या सोशल मीडिया पर “yash.nahar.169” नाम की यूजर आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है? हमें कुछ अकाउंट मिल गए. हालांकि, जो मिला वह हैरान करने वाला था.

9. ये सोशल मीडिया अकाउंट्स (जो यूजर आईडी “yash.nahar.169” का इस्तेमाल करते हुए मिले) हमें 13 साल के एक लड़के तक ले गए, जो पंजाब के रायकोट में रहता है. हमने लड़के के पिता से बात की जिन्होंने बताया कि ईमेल आईडी yash.nahar.169@gmail.com से जुड़े इस फ्रॉड के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है. हम इस लड़के की पहचान या उसके सोशल मीडिया अकाउंट को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं क्योंकि वह नाबालिग है.

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10. लड़के के पिता ने हमें ये भी बताया कि ये ईमेल आईडी उनके बेटे की नहीं है. हालांकि, इसके पहले उसने कई जीमेल अकाउंट बनाए थे, लेकिन उसे याद नहीं है कि yash.nahar.169@gmail.com उसी ने बनाया था या नहीं. इससे यह भी शक पैदा होता है कि क्या कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी के लिए एक नाबालिग बच्चे की पहचान का इस्तेमाल कर रहा है?

संयोग से, AFWA के छानबीन करने के कुछ वक्त बाद इन सोशल मीडिया अकाउंट्स में से एक का यूजर नेम बदल दिया गया.

इस तरह से ये साफ है कि ईमेल आईडी yash.nahar.169@gmail.com का इस्तेमाल करने वाले शख्स ने या तो पंजाब में रहने वाले नाबालिग लड़के की पहचान चोरी की है या फिर ये सिर्फ इत्तेफाक है कि इस ईमेल आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट्स में ‘yash.nahar.169’ कॉमन है.

लेकिन ये​ निश्चित है कि जो भी व्यक्ति ईमेल आईडी yash.nahar.169@gmail.com का इस्तेमाल कर रहा है, वह कई ब्लॉग पेज के जरिये सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहा है.
 

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