सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति चीतों की बगल में बिस्तर बिछाकर लेटा है. कुछ दूरी पर बैठे तीन चीते बारी-बारी लेटे हुए व्यक्ति के पास जाकर उससे सटकर लेट जाते हैं. वह चीतों को प्यार से सहलाता है, गले लगाता है.
वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये नजारा सिरोही, राजस्थान के पिपलेश्वर महादेव मंदिर का है, जहां हर रोज चीतों का परिवार मंदिर के एक कर्मचारी के साथ सोता है.
😊🙏🚩*यह विडियो पिपलेश्वर महादेव मंदिर मोछाल ( सिरोही ) का है हर रोज ये चीता परिवार मन्दिर के सेवक को अपना समझ कर उनके साथ सो जाते हैं।......*👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻
Posted by Dwarkadas Agarwal on Friday, 7 August 2020
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह दावा भ्रामक है. यह वीडियो दक्षिण अफ्रीका का है, जिसमें चीतों के साथ नजर आ रहा व्यक्ति जानवरों का एक्सपर्ट डॉल्फ सी वोल्कर है.
इस वीडियो को फेसबुक के साथ ही ट्विटर पर भी खूब शेयर किया जा रहा है. फेसबुक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
दावे की पड़ताल
हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कीफ्रेम्स निकाले और उन्हें इंटरनेट पर रिवर्स सर्च किया. हमें एक ट्वीट मिला, जिसमें इस वीडियो के साथ ‘डॉल्फ सी वोल्कर’ नाम का जिक्र था.
हमने कीवर्ड्स की मदद से डॉल्फ सी वोल्कर के बारे में सर्च किया तो हमें उनका यूट्यूब चैनल मिला. हमने पाया कि डॉल्फ ने अपने चैनल पर 21 जनवरी, 2019 को तकरीबन सात मिनट का एक वीडियो डाला था. वायरल हो रहा वीडियो इसी का एक हिस्सा है.
डॉल्फ के यूट्यूब चैनल पर मौजूद वीडियो के साथ आवाज भी है, जिसमें वे चीते से जुड़ी रोचक जानकारियां दे रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि वायरल हो रहे वीडियो में इस आवाज को इसलिए हटा दिया गया ताकि लोग उसे सुनकर वीडियो की असलियत जान न जाएं.
वीडियो के नीचे डॉल्फ ने बताया है कि चीतों के साथ सोना उनका एक प्रयोग था. दरअसल, वह चीतों की नींद से जुड़ी पसंद-नापसंद जानना चाहते थे, मसलन- उन्हें नर्म बिस्तर पर सोना पसंद है या सख्त जमीन पर. इस प्रयोग के लिए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक ‘चीता ब्रीडिंग सेंटर’ से विशेष अनुमति ली थी. उन्हें यह अनुमति इसलिए मिली थी क्योंकि वे पहले भी वहां चीतों की देखभाल का काम कई बार कर चुके थे.
डॉल्फ लिखते हैं, “मुझे खुशी है कि इन चीतों को मेरा साथ पसंद आया. इनका प्यार जताना मेरे दिल को छू गया!”
डॉल्फ ने अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट्स पर भी चीतों के साथ ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं. फेसबुक अकाउंट में उन्होंने लिखा है कि उनके पास जूलॉजी की डिग्री है और उन्होंने सारी जिंदगी जानवरों के व्यवहार के बारे में पढ़ाई की है.
कई मीडिया वेबसाइट्स ने भी डॉल्फ के काम के बारे में लिखा है. ऐसी कुछ रिपोर्ट्स यहां और यहां पढ़ी जा सकती हैं. सिरोही, राजस्थान के पिपलेश्वर महादेव मंदिर में काम करने वालों के साथ चीतों के सोने का कोई प्रमाण हमें नहीं मिला. इससे पहले दैनिक भास्कर की वेबसाइट भी इस दावे का खंडन कर चुकी है.
कुल मिलाकर यह बात साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो राजस्थान के सिरोही का नहीं, दक्षिण अफ्रीका का है.