बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि बिहार में बीजेपी का एक नेता पीएम मोदी का मुखौटा लगाकर जनता के बीच पंहुचा, लेकिन उसे भगा दिया गया. वीडियो में मुखौटा और पगड़ी पहने एक आदमी को भीड़ के आगे हाथ हिलाते हुए देखा जा सकता है. लेकिन कुछ लोग आदमी का विरोध करते हुए नज़र आ रहे हैं. इस दौरान आदमी के साथ धक्का-मुक्की होती है और उसे भगा दिया जाता है. वीडियो में "बलात्कारियों भारत छोड़ो" के नारे भी सुनाई दे रहे हैं.
वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा जा रहा है, "बिहार में भाजपा का नेता मोदी जी का मुखोटा लगाकर पहुंचा तो लोगों ने भगा दिया".
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये वीडियो बिहार का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के इंदौर का है. ये सच है कि वीडियो में जिस व्यक्ति के साथ धक्का-मुक्की होती दिख रही है वे बीजेपी के ही एक स्थानीय नेता हैं.
वीडियो को फेसबुक और ट्विटर पर हजारों लोगों में शेयर किया जा चुका है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.
हमारी पड़ताल
वायरल वीडियो में एक जगह 'DIGIANA NEWS' लिखा दिख रहा है. फेसबुक पर इस कीवर्ड की मदद से खोजने पर हमें इस वीडियो का लंबा वर्जन 'Jalandhar Live' नाम के एक पेज पर मिला. इस वीडियो की शुरुआत में आदमी को महात्मा गांधी की प्रतिमा के बगल में खड़ा देखा जा सकता है. 'Jalandhar Live' के पोस्ट में लिखे कैप्शन के मुताबिक ये वीडियो इंदौर का है जहां एक बीजेपी नेता के साथ हाथरस कांड के विरोध में धक्का-मुक्की हुई थी.
इस जानकारी के जरिये हमें इंटरनेट पर मामले से जुड़ी कई न्यूज रिपोर्ट्स मिली. 'नई दुनिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 2 अक्टूबर यानि गांधी जयंती की है. इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर के रीगल चौराहे पर स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए जमा हुए थे. इसी वक्त बीजेपी के एक नेता लच्छु शर्मा भी पीएम मोदी का मुखौटा लगाकर प्रतिमा स्थल पर पहुंच गए. इस दौरान कांग्रेस के लोग आक्रोशित हो गए और हाथरस कांड को लेकर सवाल-जवाब करने लगे. इसके बाद लच्छु शर्मा के साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्हें प्रतिमा स्थल से भगा दिया गया. हंगामा देख पुलिस को भी मौके पर बीच बचाव करना पड़ा था.
इस मामले पर 'MP Breaking News' और 'अमर उजाला' ने भी खबर प्रकाशित की थी.
हमारी पड़ताल में इस बात की पुष्टि हो जाती है कि ये वीडियो बिहार का नहीं, इंदौर का है.