मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित हो चुकी है. ये उपचुनाव 3 नवंबर को होंगे और नतीजा 10 नवंबर को आएगा. इसी बीच सोशल मीडिया पर मार-पीट का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि एमपी के भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार फूल सिंह बरैया को सवर्णों के खिलाफ बयानबाजी करने पर जनता ने जमकर पीटा है.
वीडियो में सड़क पर बेकाबू भीड़ एक अधेड़ उम्र के आदमी को पीटते हुए नजर आ रही है. मारपीट में आदमी के कपड़े भी फट चुके हैं. वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को भी देखा जा सकता है जो पिट रहे आदमी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये वीडियो अक्टूबर 2016 का है जब पश्चिम बंगाल के आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने एक लोकल बीजेपी नेता को कथित तौर पर पीटा था. हालांकि, ये बात सच है कि फूल सिंह बरैया के भी दो वीडियो इस समय वायरल हैं, जिसमें वे सवर्ण वर्ग के खिलाफ विवादित बयान देते हुए नजर आ रहे हैं.
वीडियो फेसबुक और ट्विटर पर भ्रामक दावे के साथ खूब शेयर हो रहा है. लोग इस वीडियो को अलग-अलग कैप्शन के साथ पोस्ट कर रहे हैं.
ये वीडियो कुछ दिनों पहले भी गलत दावे के साथ वायरल हुआ था. वीडियो के साथ दावा किया गया था कि लोगों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के साथ मारपीट की है. इंडिया टुडे ने इसका खंडन करते हुए खबर भी छापी थी. पड़ताल में पता चला था कि वीडियो में जिस आदमी के साथ लोग मार-पीट कर रहे हैं, वे आसनसोल के एक स्थानीय बीजेपी नेता सुब्रता मिश्रा हैं. ये वीडियो अक्टूबर 2016 का है. डॉ हर्षवर्धन ने भी इंडिया टुडे की खबर ट्विटर पर शेयर करते हुए इस वीडियो की सच्चाई सामने रखी थी.
क्या है फूल सिंह बरैया का मामला?
मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनावों के लिए फूल सिंह बरैया भांडेर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. कुछ दिनों पहले उनका एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने लगा था. खबरों के मुताबिक, बरैया इस वीडियो में कह रहे हैं कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को जाग जाना चाहिए वरना सवर्ण देश को हिंदू राष्ट्र बना देंगे. खबरों में ये भी कहा जा रहा है कि एक दूसरे वीडियो में फूल सिंह बरैया ने सवर्ण महिलाओं के लिए भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया है. फूल सिंह बरैया के इन्हीं वीडियो को लेकर ये विवाद खड़ा हुआ है.
इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में फूल सिंह बरैया की शिकायत भी की गई है. वीडियो को लेकर एमपी कांग्रेस का कहना है कि ये वीडियो 2016 का है और उस समय बरैया कांग्रेस का हिस्सा नहीं थे. इस बात का जिक्र कुछ खबरों में भी है कि ये वीडियो पुराने हैं. वहीं फूल सिंह बरैया ने इस वीडियो को फर्जी बताया है.