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फैक्ट चेक: अंबानी परिवार की फोटो शेयर करने पर नहीं मिलेगा कोई इनाम, सिर्फ लाइक बटोरने के लिए दिया जा रहा है झांसा

धोखधड़ी करने वाले, अक्सर लोगों का भरोसा जीतने के लिए मशहूर हस्तियों के नाम और उनकी तस्वीरें इस्तेमाल करते हैं. सेलिब्रिटीज के डीपफेक वीडियो बनाकर उनसे मनमाफिक बात कहलवाते हैं. इसके पीछे उनका मकसद सिर्फ लाइक-शेयर बटोर कर अपने पेज की रीच बढ़ाना होता है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
जो व्यक्ति इस फोटो को लाइक करेगा, उसे अंबानी परिवार की तरफ से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये पोस्ट पूरी तरह फर्जी है. इसका मकसद सिर्फ लोगों के लाइक-शेयर जुटाना है.

सोशल मीडिया पर आपने कभी न कभी व्यवसायी मुकेश अंबानी का वीडियो जरूर देखा होगा, जिसमें वो लोगों को अमीर बनने के लिए "एक टेलीग्राम ग्रुप जॉइन करने" की सलाह दे रहे हैं. या किसी "सीक्रेट वॉट्सऐप ग्रुप" की चर्चा सुनी होगी, जिसमें अंबानी की कंपनी के शेयर्स से जुड़ी गुप्त जानकारियां दी जाती हैं. आपमें से ज्यादातर लोग जानते ही होंगे कि ये दोनों खबरें फर्जी हैं. मुकेश अंबानी के नाम पर कई बार फर्जी स्कीमों और वेबसाइट्स का प्रचार किया जा चुका है.

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इसी कड़ी में अब कुछ लोग मुकेश अंबानी के परिवार की तस्वीरें फेसबुक पर शेयर करते हुए कह रहे हैं कि इन्हें लाइक करने वालों को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा. कुछ पोस्ट्स में इनाम की राशि दो लाख और पांच लाख रुपये भी बताई गई है.

ऐसे कुछ पोस्ट्स में लोगों का फोन नंबर भी मांगा जा रहा है.

fact check

कई लोग इस बात को सच मान रहे हैं और पोस्ट लाइक करके कमेंट में अपना क्यूआर कोड और यूपीआई नंबर तक डाल कर रहे हैं ताकि उन्हें इनाम की राशि मिल सके. लेकिन असल में, ये पोस्ट पूरी तरह फर्जी हैं जिनका मकसद महज लाइक बटोरना और अपने फेसबुक पेज की लोकप्रियता को बढ़ाना है.

जाहिर है, अंबानी परिवार के किसी भी सदस्य ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है कि उनकी फोटो वाली किसी पोस्ट को लाइक करने पर लाखों रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. न तो रिलायंस की वेबसाइट और न ही रिलायंस या अंबानी परिवार के किसी सदस्य के सोशल मीडिया हैंडल्स पर ऐसी कोई जानकारी है.

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साफ तौर पर, लाइक के बदले इनाम में पैसे दिए जाने की बात कोरी बकवास है. धोखधड़ी करने वाले, अक्सर लोगों का भरोसा जीतने के लिए मशहूर हस्तियों के नाम और उनकी तस्वीरें इस्तेमाल करते हैं. सेलिब्रिटीज के डीपफेक वीडियो बनाकर उनसे मनमाफिक बात कहलवाते हैं. इसके पीछे उनका मकसद सिर्फ लाइक-शेयर बटोर कर अपने पेज की रीच बढ़ाना होता है.

मिसाल के तौर पर, इसी साल मार्च में बीबीसी के नाम पर एक फर्जी न्यूज रिपोर्ट वायरल हो गई थी जिसमें अनंत अंबानी को किसी निवेश प्लैटफॉर्म का प्रचार करते हुए दिखाया गया था. उस वक्त भी हमने उसकी सच्चाई बताई थी.

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सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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