प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त को लैंडस्लाइड से बुरी तरह प्रभावित हुए केरल के वायनाड का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल में पीड़ितों से भी मुलाकात की. उनके इस दौरे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अब विपक्ष के नेता और सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा जा रहा है.
कई लोग तंज कर रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में वायनाड सीट से बीजेपी के हारने के बावजूद मोदी वहां जाकर पीड़ितों से मिले. लेकिन जो व्यक्ति इस सीट से जीता, यानी कि राहुल गांधी, उन्हें अभी तक वायनाड जाने का समय नहीं मिला.
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में वायनाड सीट पर राहुल गांधी की जीत हुई थी. साथ ही, वो उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से भी जीते थे. उन्होंने 18 जून को वायनाड सीट से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि नियमों के हिसाब से एक समय पर एक सीट का ही प्रतिनिधित्व किया जा सकता है.
पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “ये जो बंदा फोटो में दिख रहा है इसकी पार्टी वायनाड में हार गई है और ये वहा घूम घूम कर लोगों से हाल पूछ रहा है और जो जोकर वहां जीता है उसे अभी तक समय नहीं मिला अपने क्षेत्र मे जाने का”. इस कैप्शन के साथ ये तस्वीरें फेसबुक, एक्स और थ्रेड्स पर काफी वायरल हो रही हैं.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि तबाही के बाद राहुल गांधी भी 1 अगस्त को वायनाड गए थे और उन्होंने पीड़ितो से मुलाकात की थी.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
इस बारे में सर्च करने पर हमें राहुल गांधी के वायनाड दौरे की कई खबरें और तस्वीरें मिलीं. राहुल के साथ उनकी बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी गई थीं. इस दौरे की तस्वीरें कांग्रेस के एक्स हैंडल से ट्वीट की गई थीं.
राहुल गांधी के यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पेज पर भी दौरे के वीडियो शेयर किए गए थे. दो दिन के दौरे में राहुल और प्रियंका ने लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया था और अस्पताल में पीड़ित लोगों से मुलाकात की थी.
राहुल ने मीडिया से कहा था कि तबाही में बरबाद हुए परिवारों को देखकर उन्हें वैसा ही महसूस हुआ जैसा पिता की मौत पर हुआ था.
जाहिर है, वायनाड त्रासदी के बाद राहुल गांधी के वहां न जाने की बात पूरी तरह गलत है.