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फैक्ट चेक: पाकिस्तान में मचे सियासी घमासान के बीच वायरल हुई चार साल पुरानी तस्वीर

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है. ये तस्वीर अक्टूबर 2016 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुए एक आतंकी हमले के दौरान ली गई थी.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
पाकिस्तान में गृह युद्ध छिड़ गया है. पाकिस्तानी सेना और कराची पुलिस के बीच फायरिंग शुरू हो गई है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये तस्वीर अक्टूबर 2016 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुए एक आतंकी हमले के दौरान ली गई थी. पाकिस्तान में सेना और पुलिस के बीच तनाव की खबरें हैं, लेकिन गृह युद्ध की कोई पुख्ता सूचना नहीं है.

पाकिस्तान में चल रहे राजनैतिक घमासान के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर में एक सुरक्षाकर्मी और एक अन्य आदमी एक घायल व्यक्ति को सहारा देते हुए दिख रहे हैं. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में गृह युद्ध छिड़ गया है. कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना और कराची पुलिस के बीच फायरिंग शुरू हो गई है जिसमें कई लोगों के मरने की आशंका है.

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कुछ दिनों पहले ऐसी खबरें आई थीं कि पाकिस्तान में सेना और कराची पुलिस के बीच विवाद खड़ा हो गया है. विवाद की वजह बताई गई है कि पाकिस्तानी सेना ने सिंध प्रांत के एक पुलिस अफसर को जबरन उठा लिया था.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है. ये तस्वीर अक्टूबर 2016 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुए एक आतंकी हमले के दौरान ली गई थी.

तस्वीर को पोस्ट करते हुए सोशल मीडिया यूजर लिख रहे हैं, "ब्रेकिंग पाकिस्तान में ग्रह युद्ध छिड़ा पाक आर्मी और कराची पुलिस के बीच जबरदस्त फायरिंग शुरू , कई के मरने की आशंका !!."

कुछ और फेसबुक यूजर्स ने भी इस पोस्ट को साझा किया है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर इसकी सच्चाई सामने आ गई. ये तस्वीर हमें कई न्यूज़ आर्टिकल्स में मिली. अक्टूबर 2016 में बलूचिस्तान की राजधानी क़्वेटा में स्थित एक पुलिस ट्रेनिंग अकादमी में कुछ आतंकवादियों ने हमला कर दिया था. इस हमले में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. ये तस्वीर भी उसी समय ली गई थी. खबरों के मुताबिक, इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी.

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पाकिस्तान में सेना और पुलिस के बीच तनाव की खबरें हैं, लेकिन गृह युद्ध और लोगों के मारे जाने को लेकर कोई पुख्ता सूचना नहीं है. इस बारे में फैक्ट चेकिंग वेबसाइट 'बूम लाइव' ने कराची के एक पत्रकार मुहम्मद ओमेर हयात से बात की है. हयात का भी यही कहना था कि गृह युद्ध वाली बात झूठ है.

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सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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