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किसी अस्पताल के बेड पर लेटी बिलखती हुई एक बच्ची का विचलित कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है. बच्ची काफी चोटिल लग रही है. उसके शरीर पर पट्टियां बंधी हैं और पैरों में ड्रिप भी लगी है.
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इस बच्ची के वीडियो को इस तरह पेश कर रहे हैं जिससे लग रहा है कि ये भारत की है और इसके इलाज के लिए पैसों की जरूरत है. वीडियो के साथ एक क्यूआर कोड भी है और साथ में लिखा है- "मेरी बच्ची के लिए आप लोग मदद करें, Please donate at least 200₹."
श्रीराम फैमिली नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "आपकी मदद की जरूरत है, पैसे डोनेट करें."
वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो में दिख रही बच्ची भारत की नहीं बल्कि गाजा की है. बच्ची के पिता मुहम्मद ने खुद आजतक को ये बताया है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो में जिस बेड पर बच्ची लेटी है, उस पर बिछी चादर में अरबी भाषा में कुछ लिखा हुआ दिख रहा है. गूगल लेंस की मदद से इसकी जांच करने पर पता लगा कि इसके एक शब्द का अनुवाद 'स्वास्थ्य' है.
ये देखकर हमें लगा कि ये वीडियो किसी ऐसे देश का हो सकता है, जहां अरबी भाषा बोली जाती हो.
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने जुलाई में शेयर किया था और इसका क्रेडिट अल जजीरा के पत्रकार Moath Kahlout को दिया था. Moath के इंस्टाग्राम अकाउंट को देखकर पता लगता है कि वो लगातार गाजा से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं.
Moath Kahlou ने 7 जुलाई को ये वीडियो शेयर किया था. साथ ही, लिखा था कि इस बच्ची के परिवार के 15 लोग मर चुके हैं, सिर्फ यही जिंदा बची है.
लेकिन, Moath ने ही, 9 जुलाई को एक और वीडियो शेयर करके बताया था कि उन्हें पता लगा है कि बच्ची निसरीन के पिता अभी जिंदा हैं. इस वीडियो में बच्ची के पिता दिखते हैं और कैप्शन में उनका फोन नंबर भी लिखा है.
बच्ची के पिता ने क्या कहा?
हमने बच्ची के पिता से वॉट्सएप के जरिये संपर्क किया और उनसे गूगल की मदद से अरबी भाषा में अनुवाद करके बातचीत हुई. उन्होंने आजतक को बताया कि उनका नाम मुहम्मद है और वायरल वीडियो में दिख रही लड़की उनकी दो साल की बेटी निसरीन है. ये जुलाई का वीडियो है जब वो बमबारी में घायल होकर अस्पताल में भर्ती थी. दरअसल, जुलाई में उत्तरी गाजा में हुई बमबारी में उनका घर पूरी तरह नष्ट हो गया था. इस हमले में उनके परिवार के 11 सदस्यों की जान चली गई. वो खुद भी काफी घायल हुए पर किसी तरह उनकी जान बच गई.
मुहम्मद ने हमें बताया कि उन्हें भारत के किसी भी व्यक्ति या संस्था से कोई पैसा नहीं मिल रहा है, न ही इस फोन नंबर से उनका कुछ लेना-देना है. उन्होंने इसे फर्जीवाड़ा करार देते हुए अरबी भाषा में एक संदेश दिया, जिसका हिंदी अनुवाद नीचे देखा जा सकता है.
निसरीन के वीडियो के जरिये कौन पैसा ले रहा है?
वायरल वीडियो में दिख रहे क्यूआर कोड को गूगल पे की मदद से स्कैन करने पर हमें अतुल सिंह नाम के एक व्यक्ति का यूपीआई एड्रेस दिखा. साथ ही, ये भी पता लगा कि ये नंबर 'अतुल एक्सेसरीज' नाम की किसी दुकान से संबंधित है.
जब हमने इस नंबर को ट्रूकॉलर ऐप पर सर्च किया, तो इसमें भी अतुल सिंह नाम दिखा और लोकेशन उत्तर प्रदेश की दिखी.
इसके बाद हमने इस नंबर पर कॉल किया. कॉल उठाने वाले शख्स ने कहा कि वो गोरखपुर में रहता है और ये बच्ची गोरखपुर एम्स में भर्ती है. उसने यहां तक दावा किया कि ये वीडियो उसी ने बनाया है. लेकिन ज्यादा पूछताछ करने पर उसने फोन काट दिया.
साफ है, गाजा की एक घायल बच्ची के वीडियो से लोगों की इमोशनल ब्लैकमेलिंग करके ठगी की जा रही है.