पिछले कुछ समय से रेल हादसे की साजिशों से जुड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो गई है जिसमें रेल की पटरी पर एक लोहे का खंबा रखा हुआ देखा जा सकता है. कई सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि ये लोहे का खंबा, ट्रेन को पटरी से उतारकर एक्सीडेंट करवाने की साजिश के तहत मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रखा था. वायरल सोशल मीडिया पोस्ट में ये मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर का बताया गया है.
एक एक्स यूजर ने वायरल तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “हज़ारों हिन्दुओं की जान जाते जाते बची… रामपुर के मुस्लिम कॉलोनी के पीछे से गुज़र रही रेलवे लाइन पर ट्रेन को पलटाने के उद्देश्य से लोहे का खम्बा रख दिया आतंकवादियों ने लेकिन देहरादून एक्सप्रेस लोको पॉयलेट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर हज़ारों हिन्दुओं की जान बचा ली… आखिर कब खुलेंगी रेल मंत्रालय की आखें” ऐसे ही दावों के साथ वायरल तस्वीर को फेसबुक पर भी शेयर किया जा रहा है. ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल फोटो में दिख रही रेल की पटरी पर खंबा न तो किसी साजिश के तहत रखा गया था और न ही इस मामले के आरोपी मुस्लिम हैं. इस मामले में पुलिस ने संदीप और विजेंद्र नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है जो नशे में खंबा चुरा कर जा रहे थे मगर ट्रेन को आता देख उसे वहीं छोड़ कर भाग गए.
कैसे पता चली सच्चाई?
कीवर्ड सर्च करने पर हमें इस घटना से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं. खबरों के मुताबिक ये खंबा 18 सितंबर को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर इलाके में पटरी पर मिला था. इसे देख कर रुद्रपुर की तरफ जा रही नैनी जनशताब्दी के ड्राइवर ने समझदारी दिखाते हुए ट्रेन को रोक लिया था और हादसा टल गया था.
गौर करने वाली बात ये है कि किसी भी मीडिया रिपोर्ट में पटरी पर खंबा रखने वालों के मुस्लिम होने की बात नहीं लिखी है. बल्कि इसके ठीक उलट, ऐसा लिखा है कि इस मामले में पुलिस ने 22 सितंबर को संदीप और विजेंद्र नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है. नाम से ही पता लग रहा है कि ये दोनों हिंदू हैं.
क्या साजिश के तहत रखा था पटरी पर खंबा?
हमने इस बारे में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रामपुर से बात की. हमारी बात वहां कार्यरत एसएचओ मुकेश कुमार से हुई. मुकेश कुमार ने आजतक को बताया, “आरोपी मुस्लिम नहीं हैं, बल्कि हिन्दू हैं. संदीप चौहान और विजेंद्र नशे के आदी हैं. वो नशे के लिए चोरी भी करते हैं. 18 सितंबर को दोनों ने रेलवे लाइन के पास से लोहे का खंबा उसे बेचने के इरादे से चुराया था. लेकिन जब दोनों पटरी के पास पहुंचे तो उन्हें ट्रेन आती दिखी जिससे डरकर वो खंबा पटरी पर ही छोड़कर भाग गए.”
मुकेश कुमार ने हमें इस मामले से संबंधित जीआरपी, रामपुर का विस्तृत बयान भी भेजा जिसे नीचे पढ़ा जा सकता है.
मामले की पूरी जानकारी कई खबरों में भी दी गई है. मुकेश कुमार ने ये भी बताया कि संदीप और विजेंद्र दोनों आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और दोनों पर पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं. दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
साफ है कि रामपुर में रेल की पटरी पर रखा खंबा चोरी का था जिसके आरोपी हिन्दू समुदाय के हैं.