पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक सवाल तूल पकड़ता जा रहा है कि आखिर कोलकाता में समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को किसने तोड़ा? इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों के जरिए दावा किया गया है कि CCTV फुटेज से पता चल चुका है कि विद्यासागर की प्रतिमा को टीएमसी के लोगों ने तोड़ा है. तस्वीरों में कुछ लोग एक सफेद रंग के स्टैच्यू को तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं.
पोस्ट से जुड़े कैप्शन में लिखा हुआ है, 'CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है विद्यासागर जी की मूर्ति को टीएमसी के मुल्ले तोड़ रहे हैं #घटिया_राजनीत किया गया है ममता बनर्जी के द्वारा किेए गए हैं'
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि इन तस्वीरों का विद्यासागर की प्रतिमा से कोई नाता नहीं. ये तस्वीरें इराक की हैं और तस्वीर में दिख रहे लोग ISIS के आतंकी हैं.
फेसबुक के अलावा इस पोस्ट को ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है.
CCTV #फुटेज में साफ दिख रहा है विद्यासागर जी की मूर्ति को टीएमसी के मुल्ले तोड़ रहे हैं #घटिया_राजनीती
और #इल्जाम BJP पर....
.
pls share this post pic.twitter.com/i1gGExOPpe
— chowkidar AnujSingh bhadauriya (@anujsingh98290) May 16, 2019
फोटो को रिवर्स सर्च पर हमें इन तस्वीरों के संबंध में मीडिया हाउस CNN की एक रिपोर्ट मिली. 2015 में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक, ISIS के कुछ आतंकियों ने उत्तरी इराक में स्थित कुछ प्राचीन मूर्तियों को हथौड़े से तबाह किया था. ये घटना काफी चर्चित भी हुई थी.
अगर विद्यासागर के टूटे मूर्ति का मिलान वायरल तस्वीरों वाले मूर्ति से किया जाए तो इसमें जरा भी समानता नहीं दिखती.
(फोटो क्रेडिट-द इंडियन एक्सप्रेस)
यह जांच का विषय है कि विद्यासागर की प्रतिमा को आखिर किसने तोड़ा, लेकिन ये तस्वीर ना ही विद्यासागर मूर्ति की है और ना ही भारत की.