भीषण धमाके का एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि ये नजारा सूडान का है जहां हरियाणा का एक परिवार युद्ध के हालात के बीच फंसा हुआ है.
वीडियो में धुएं का एक गुबार नजर आ रहा है. अचानक तेज धमाके की आवाज होती है और आग की लपटों का एक विशालकाय गोला ऊपर की ओर उठता है. इसके बाद वीडियो में दिख रहे लोग दहशत में आ जाते हैं और भगदड़-सी मच जाती है.
एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, "सूडान संकट में फंसा जींद का एक परिवार. रेलवे रोड़ का रहने वाला अमन गुप्ता अपनी पत्नी और दो साल की बेटी के साथ युद्ध में फंसा. केंद्र सरकार से मदद की अपील. पैरामिल्ट्री फोर्स और आर्मी के बीच चल रहा है युद्ध. अमन का कहना है उनकी गाड़ियां पैसे लूट लिए गए है. खाने पीने का संकट पैदा हो गया है और जिंदगी मौत के बीच फंसे हुए है. उन्होंने बताया की लाइट कट कर दी गई है और चारो तरफ बम धमाको की आवाज आ रही है." इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो साल 2019 में सूडान की राजधानी खार्तूम की एक फैक्ट्री में हुए धमाके का है. जाहिर है, इसका वहां वर्तमान में चल रहे गृह युद्ध से कुछ लेना-देना नहीं है. हालांकि ये बात सच है कि जींद के रहने वाले अमन गुप्ता नाम के शख्स अपने परिवार सहित सूडान में फंस गए थे. लेकिन अब वो सुरक्षित भारत लौट चुके हैं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें फेसबुक पर इसका एक लंबा वर्जन मिला. यहां इसे दिसंबर, 2019 में पोस्ट किया गया था. यहां पोस्ट के साथ अरबी भाषा में लिखा है कि ये दुर्घटना सूडान की सेलोमी सेरेमिक फैक्ट्री में हुई थी. इस वीडियो की तुलना वायरल वीडियो से करने पर दोनों के बीच की समानताएं साफ देखी जा सकती हैं.
इसके अलावा, हमें साल 2019 की कुछ अरबी भाषा की न्यूज रिपोर्ट्स में भी इस वीडियो से ली गई तस्वीरें मिलीं. ये रिपोर्ट्स खार्तूम, सूडान की सिरेमिक फैक्ट्री में हुए विस्फोट से संबंधित हैं. ये हादसा एक गैस टैंकर में हुए विस्फोट की वजह से हुआ था. तीन दिसंबर, 2019 को हुए इस हादसे में 23 लोगों की जान गई थी, जिनमें से 18 भारतीय थे.
भारतीय मीडिया में भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा हुई थी. उस वक्त की रिपोर्ट्स में दिखाए गए इस घटना के दृश्य वायरल वीडियो से काफी मिलते-जुलते हैं.
सूडान में आर्मी और अर्धसैनिक बल (Rapid Response Forces) के बीच चल रहे युद्ध की वजह से 500 से भी ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. हिंसा प्रभावित क्षेत्र में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ऑपरेशन कावेरी नाम का मिशन चला रही है. इसके तहत अब तक तकरीबन 2300 लोग सूडान से भारत लाए जा चुके हैं.
खबरों के मुताबिक, जींद के रहने वाले अमन गुप्ता, उनकी पत्नी दीक्षिता और दो साल की बेटी भी सूडान में फंसे हुए थे. वो वहां से किसी तरह बचकर निकले थे और सूडान पोर्ट पहुंचे थे. 27 अप्रैल को इस परिवार को भी भारत ले आया गया.
साफ है, सूडान की एक फैक्ट्री में हुए विस्फोट का वीडियो वहां चल रहे मौजूदा गृह युद्ध से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.