बरसाती टेंट में रह रहे गरीबों के बीच पैसे बांटते राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो तेजस्वी के चुनाव प्रचार का है और उन्होंने मतदाताओं को रिझाने के लिए पैसे बांटे.
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल वीडियो 31 जुलाई 2020 का है, जब तेजस्वी यादव ने पूर्वी चंपारण में बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनी थीं और उन्हें पैसे बांटे थे. उस समय न तो चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी और न ही राज्य में आचार संहिता लागू थी. ये वीडियो आचार संहिता लागू होने से करीब 2 महीने पहले का है.
वायरल वीडियो में तेजस्वी यादव अपने काफिले के साथ बरसाती टेंट के पास खड़े लोगों के बीच पैसे बांटते दिख रहे हैं. पैसे लेने के लिए इकट्ठा महिलाओं और बच्चों के बीच धक्का-मुक्की भी हो रही है. साथ ही, एक भजन बज रहा है, जिसके बोल हैं, “तेरे हर सुख में हर दुख में ये काम आएगा!”
वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है, “चुनाव प्रचार में नोट बांटते हुए तेजस्वी यादव का वीडियो हुआ वायरल”.
फेसबुक पर यह दावा काफी शेयर हो रहा है.
वायरल पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, “चारा घोटाले में कमाए हुए पैसे लुटा रहा है!” एक अन्य यूजर ने लिखा, “बिहार में एक वोट की कीमत 100 रुपये है!”
दावे की पड़ताल
वायरल वीडियो में वॉटरमार्क के रूप में ‘VideoShow’ लिखा हुआ है, जो यह बताता है कि इसे इसी नाम के एक वीडियो एडिटिंग एप की मदद से एडिट किया गया है. ऐसा लग रहा है कि वीडियो में हो रही बातचीत की आवाज जानबूझ कर गायब कर दी गई है और इसमें भजन डाल दिया गया है ताकि इसकी पहचान न हो सके.
वीडियो के नीचे कमेंट कर रहे कुछ लोगों ने लिखा है कि ये वीडियो तेजस्वी के बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे से जुड़ा है.
हमने पाया कि वायरल वीडियो 31 जुलाई 2020 का है, जब तेजस्वी यादव ने पूर्वी चंपारन जिले के चकिया, पिपरा विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया था. दौरे में तेजस्वी ने वहां के लोगों की समस्याएं सुनी थीं और उनके बीच पैसे भी बांटे थे. तेजस्वी ने अपने वेरिफाइड फेसबुक पेज से इस दौरे का लाइव वीडियो भी शेयर किया था.
57 सेकंड का वायरल वीडियो दरअसल तेजस्वी यादव के इसी 16 मिनट 37 सेकंड के लाइव वीडियो का अंश है.
इस वीडियो के एक अंश को तेजस्वी ने अपने ट्विटर पेज पर भी शेयर किया था.
हमें ‘नवभारत टाइम्स’ की 31 जुलाई 2020 की एक रिपोर्ट मिली जिसमें तेजस्वी के पूर्वी चंपारण के बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे का ब्यौरा है. रिपोर्ट के अनुसार, तेजस्वी पूर्वी चंपारण के सुगौली के बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने के लिए गए थे. अचानक वहां बारिश शुरू हो गई तो उनका काफिला वापस लौटने लगा. इस बीच एनएच-28ए पर तेजस्वी ने देखा कि प्लास्टिक तान कर आशियाना बनाकर कुछ बाढ़ पीड़ित वहां रह रहे हैं तो उन्होंने अपना काफिला वहां रुकवा कर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि तेजस्वी ने बाढ़ पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद करते हुए उन्हें दो-दो सौ रुपये दिए.
चुनाव आयोग ने 25 सितंबर 2020 को 243 सीटों के लिए होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया था कि बिहार में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को मतदान होंगे. 10 नवंबर को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे. तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो गई थी. चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार, राजनैतिक पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए तमाम प्रतिबंध लग जाते हैं. हालांकि, बाढ़ पीड़ितों को पैसा बांटते तेजस्वी का ये वीडियो आचार संहिता लागू होने से दो महीने पहले का है.