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फैक्ट चेक: बांग्लादेश में हाथी से क्रूरता की इस घटना में नहीं है कोई सांप्रदायिक एंगल

सोशल मीडिया पर एख वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ये घटना बांग्लादेश की है जहां कुछ मुस्लिम युवकों ने एक हिंदू मं​दिर के हाथी को बुरी तरह से पीटा.  

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
बांग्लादेश में कुछ मुस्लिमों ने एक हिंदू मंदिर के हाथी को पीटा. 
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
इस हाथी को कुछ लोगों ने इसलिए पीटा था क्योंकि ये भड़क गया था और इसने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ कर दी थी. हाथी का किसी मंदिर से कोई संबंध नहीं था. 

हाथी को डंडों से पीटते कुछ लोगों का विचलित कर देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हाथी के पैर लोहे की चेन से बंधे हुए हैं. आसपास कुछ लोग भी खड़े दिख रहे हैं.  

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कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ये घटना बांग्लादेश की है जहां कुछ मुस्लिम युवकों ने एक हिंदू मं​दिर के हाथी को बुरी तरह से पीटा.  

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए काफी लोग  बांग्लादेश को बुरा-भला कह रहे हैं.  

एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “बांग्लादेश में मुसलमानो की भीड़ एक हाथी को जंजीरों में बांधकर लाठियों से बुरी तरह से इसलिए पिट रही है क्योंकि यह हाथी एक हिंदू मंदिर का था. सोचिए इनके मन में कितना जहर और नफरत भरा हुआ है. और पेटा और पूरी दुनिया खामोश है.”  

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो में दिख रहे हाथी का हिंदू मंदिर से कोई लेना-देना नहीं है. बांग्लादेश की इस घटना में एक हाथी को कुछ लोगों ने इसलिए पीटा था क्योंकि वो हाथी भड़क गया था और उसने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ कर दी थी.

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कैसे पता लगाई सच्चाई?

वायरल वीडियो के बारे में कीवर्ड सर्च करने से ये हमें "प्रोटेक्ट ऑल वाइल्डलाइफ" नामक संस्था के एक्स अकाउंट पर मिला. यहां इसे 29 अगस्त, 2024 को पोस्ट किया गया था. यहां बताया गया है कि ये घटना बांग्लादेश के कौमिला शहर में दौडकांडी फायर स्टेशन के सामने हुई थी. साथ ही, ये भी लिखा है कि इस हाथी ने एक दुकान में तोड़फोड़ की थी जिसके चलते कुछ लोगों ने इसे पीटा था.  

इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर हमें ढाका ट्रिब्यून की 28 अगस्त, 2024 की रिपोर्टमिली जिसमें इस वीडियो का स्क्रीनशॉट देखा जा सकता है. यहां बताया गया है कि ये वीडियो वायरल होने के बाद जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कुछ लोगों ने इस हाथी की खोज शुरू की थी. आखिरकार ये हाथी देबीद्वार और मुरादनगर के बीच पड़ने वाले एक गांव में मिल गया था.    

'द डेली स्टार' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये घटना कौमिला शहर में डौडाकांडी उपजिले में 'फायर सर्विस एंड सिविल डिफेंस स्टेशन' के सामने हुई थी.  

इस जानकारी की मदद से हमने गूगल मैप्स पर इस जगह को खोजा. दोनों में ही एक लाल इमारत और उसके बाहर बनी झोपड़ी देखी जा सकती है.  

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Risingbd वेबसाइट के मुताबिक, तीन महावत इस हाथी को लेकर दुकानों में जाते थे और पैसा मांगते थे. 24 अगस्त को डौडाकांडी में ये हाथी भड़क गया और उसने कई दुकानों में तोड़फोड़ कर दी. ये देखकर तीनों महावतों ने इसे काबू करने के लिए जमकर पीटा. वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड करके फेसबुक पर अपलोड कर दिया और ये वायरल हो गया.  

एक खबर  के अनुसार, इस मामले में मोनिरुल इस्लाम नाम के महावत सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था. वहीं, हाथी को बंगबंधु शेख मुजीब सफारी पार्क में छोड़ दिया गया था.  

बंगबंधु शेख मुजीब सफारी पार्क के फॉरेस्टर हारून शिशिर ने आजतक को बताया कि वीडियो में दिख रहे हाथी का किसी मंदिर से कोई संबंध नहीं है. वीडियो में जो लोग हाथी को पीटते दिख रहे हैं, उन्हीं में से एक व्यक्ति ने इसे फारेस्ट डिपार्टमेंट से लीज पर लिया था. ये व्यक्ति हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम था.

वहीं, बांग्लादेश के मीडिया आउटलेट डेलीस्टार के रिपोर्टर खालेद बिन नजरुल ने भी हमें यही बताया कि ये किसी हिंदू मंदिर का हाथी नहीं था.    

(इनपुट: सूरज उद्दीन मंडल)  

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