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फैक्ट चेक: यूपी के बांदा में आवारा पशुओं को लेकर आगाह करते बोर्ड की ये फोटो चार साल पुरानी है

'आज तक फैक्ट चेक' ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर चार साल पुरानी है. बांदा पुलिस ने हाल-फिलहाल में ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया है. कीवर्ड सर्च की मदद से हमें ये तस्वीर बांदा पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर मिलीं जिसे 22 अगस्त, 2019 को पोस्ट किया गया था.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये बोर्ड उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आवारा पशुओं के चलते बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए शहर के एसपी ने हाल ही में लगवाए हैं.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये बोर्ड चार साल पहले बांदा में लगवाए गए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया था.

उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या काफी विकराल हो गई है. पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 12 लाख मवेशी सड़कों पर हैं. राज्य के किसानों के लिए आवारा जानवरों से अपनी फसल को बचाना चुनौती बना हुआ है.

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इन सबके बीच सोशल मीडिया पर किसी सड़क के डिवाइडर पर एक बोर्ड लगा रहे पुलिसकर्मी और कुछ अन्य लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. बोर्ड पर लिखा है, "आज सड़क पर जानवर बैठे हो सकते हैं. कृपया धीरे चलें." वहीं, नीचे छोटे अक्षरों में लिखा है “पुलिस अधीक्षक.

कुछ लोगों का कहना है कि ये बोर्ड उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आवारा पशुओं के चलते बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए हाल ही में लगवाया गया है.

सड़क पर बोर्ड लगाने की इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक फेसबुक यूजर ने लिखा, "उत्तर प्रदेश बांदा के सम्माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय जी एवं समस्त सम्माननीय पुलिस प्रशासन का बहुत अच्छा निर्णय है और बहुत ही सराहनीय कार्य है. सड़क पर आए दिन बेजुबान जानवर गाड़ी की तेज गति के कारण से अपने प्राणों को गवा देते हैं बहुत दुखद हादसा होता है और हम सभी को भी हाईवे पर गाड़ी देखकर चलाना चाहिए हर चीज का ध्यान रखना चाहिए आम नागरिक होने के नाते यह हमारी भी जिम्मेदारी बनती है."

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ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.


'आज तक फैक्ट चेक' ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर चार साल पुरानी है. बांदा पुलिस ने हाल-फिलहाल में ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

कीवर्ड सर्च की मदद से हमें ये तस्वीर बांदा पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर मिलीं जिसे 22 अगस्त, 2019 को पोस्ट किया गया था. इसके साथ लिखा है कि आए दिन आवारा जानवरों के चलते हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए बांदा के पुलिस अधीक्षक ने ऐसे साइन बोर्ड लगाए हैं.

इन तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बांदा पुलिस ने ट्विटर पर उन दावों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा है कि ये बोर्ड हाल-फिलहाल में लगाए गए हैं. पुलिस ने ऐसी भ्रामक खबर फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है.

अपने खंडन में बांदा पुलिस ने लिखा, "कतिपय लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर एक फोटो/ बैनर वायरल किया जा रहा है जिसमें पुलिस द्वारा सड़क के डिवाइडर पर एक बैनर लगाते हुए दिखाया गया है जिसमें आवारा पशुओं के सड़क पर बैठे होने का संकेत लिखा है. वर्तमान में पुलिस द्वारा इस तरह का कोई बैनर नहीं लगाया है. बांदा पुलिस इसका पूर्णतया खंडन करती है. कृपया भ्रामक सूचना ना फैलाएं अन्यथा आवश्यक वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी."

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इसके बाद हमने जिले के एसपी से भी बात की. उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की कि पुलिस ने हाल-फिलहाल में ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया है. ये बोर्ड चार साल पहले लगाए गए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया था. शहर में अब ऐसे कोई बोर्ड नहीं हैं."

साफ है, चार साल पहले वाहन चालकों को सड़क पर बैठे आवारा पशुओं के बारे में आगाह करने के लिए पुलिस द्वारा लगाए गए बोर्ड्स को हाल-फिलहाल का बताकर शेयर किया जा रहा है.

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