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देहरादून में पूर्व सैनिकों के लिए लगा मेगा नेत्र सर्जरी कैंप, 250+ लोगों की जिंदगी में लौटी रोशनी, राज्यपाल ने सराहा

उत्तराखंड के देहरादून सैन्य अस्पताल में 25 दिसंबर 2024 से शुरू हुए नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन में नई रोशनी लाई. इस शिविर में 850 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया और 250 से अधिक मोतियाबिंद सर्जरी सफलतापूर्वक की गई.

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देहरादून में पूर्व सैनिकों के लिए लगा मेगा नेत्र सर्जरी कैंप लगाया गया.
देहरादून में पूर्व सैनिकों के लिए लगा मेगा नेत्र सर्जरी कैंप लगाया गया.

उत्तराखंड के सैन्य अस्पताल में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए 25 दिसंबर से शुरू हुए नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर ने कई लोगों की जिंदगी में रोशनी लौटाई. इस शिविर में 850 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिसमें 250 से अधिक लोगों की मोतियाबिंद सर्जरी सफलतापूर्वक की गई.

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25 दिसंबर 2024 को शुरू हुए शिविर में नेत्र सर्जरी के लिए दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) से आई विशेषज्ञों की टीम ने देहरादून सैन्य हॉस्पिटल के नेत्र सर्जनों के साथ मिलकर अत्याधुनिक उपकरणों और प्रीमियम इंट्रा ओकुलर लेंस का इस्तेमाल किया.

मुख्य सर्जन ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में यह टीम मोतियाबिंद से पीड़ित पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को आंखों की रोशनी देने में सफल रही.

राज्यपाल ने जताई खुशी

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने 27 दिसंबर को इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने मेडिकल टीम के समर्पण और विशेषज्ञता की सराहना की. उन्होंने सेना और डॉक्टरों की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "यह शिविर मानवता की सेवा के लिए भारतीय सेना के समर्पण का एक शानदार उदाहरण है."

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राज्यपाल ने मरीजों को मुफ्त दवाएं और चश्मे भी बांटे. उन्होंने इस शिविर के संचालन और पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन में बदलाव लाने में उनके असाधारण प्रयासों के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, डीजीएएफएमएस, और आर्मी मेडिकल कोर के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया.

स्वास्थ्य मंत्री का समर्थन

उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया. उन्होंने सेना की इस पहल को सराहा और कहा, "सेना और नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस के बीच साझेदारी एक स्वस्थ और खुशहाल समाज बनाने की हमारी साझा प्रयासों का एक प्रमाण है. ये सर्जरी केवल दृष्टि बहाल करने के बारे में नहीं हैं बल्कि प्रभावित लोगों में स्वतंत्रता और आत्मविश्वास बहाल करने के बारे में हैं."

सैन्य अस्पताल का योगदान

देहरादून का सैन्य अस्पताल, ब्रिगेडियर परीक्षित सिंह के नेतृत्व में, सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है. यह अस्पताल अपनी आधुनिक सुविधाओं और समर्पित टीम के कारण देशभर में अपनी पहचान बना चुका है. इस कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन (कमांडेंट, IMA), मेजर जनरल आर. प्रेमराज (जीओसी उत्तराखंड सब एरिया), ब्रिगेडियर संजोग नेगी, प्रोफेसर मदन लाल ब्रह्म भट्ट, कुलपति HNBUMU, सहित कई सैन्य और शासकीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे.

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