कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले अमेरिका में भी बढ़ने लगे हैं. US में अब तक ओमिक्रॉन के 40 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. यहां के सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) ने शुरुआती डेटा के आधार पर ओमिक्रॉन के बारे में कई जानकारियां दी हैं. सीडीसी के प्रमुख के अनुसार जितने लोग भी यहां ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए हैं, उनमें से तीन-चौथाई से अधिक लोगों को वैक्सीन लगी है. हालांकि, ये सभी लोग केवल मामूली रूप से बीमार थे. इनमें से अधिकांश युवा थे और लगभग एक तिहाई लोगों ने इंटरनेशनल ट्रैवलिंग की थी.
एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में CDC की डायरेक्टर डॉक्टर रोशेल वालेंस्की ने कहा कि फिलहाल डेटा बहुत सीमित हैं और एजेंसी इस बारे में अधिक जानकारी जुटाने पर काम कर रही है. हाल ही में बूस्टर शॉट्स को मंजूरी दिए जाने पर वालेंस्की ने कहा, 'आमतौर पर हम जानते हैं कि एक वैरिएंट में जितने ज्यादा म्यूटेशन होंगे, आपको उतनी ज्यादा इम्यूनिटी की जरूरत होगी. हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर किसी की इम्यूनिटी मजबूत रहे. हम अपने दिशानिर्देश उसी हिसाब से बना रहे हैं.'
वालेंस्की ने कहा, 'ये बीमारी हल्की है. अब तक जितने भी मामले सामने आए हैं, उन सभी में कफ, सीने में जकड़न और थकान जैसे लक्षण (omicron variant symptoms) ही देखने को मिले हैं. सिर्फ एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी लेकिन अब तक किसी की भी मौत दर्ज नहीं की गई है.' सीडीसी का कहना है कि ओमिक्रॉन के कुछ मामले दिन और सप्ताह बीतने के साथ गंभीर भी हो सकते हैं, क्योंकि अभी इसके डेटा बिल्कुल शुरुआती चरण के हैं.
WHO के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान पिछले महीने सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में की गई थी. इसके बाद से अब तक 57 देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं. वालेंस्की ने कहा कि ओमिक्रॉन के तीन-चौथाई से अधिक मरीजों को वैक्सीन लगी थी और एक तिहाई ने हाल ही में बूस्टर भी लिया था. बूस्टर के पूरी तरह प्रभावी होने में लगभग दो हफ्ते का समय लगता है. इनमें से कुछ लोगों ने उसी समय अपनी वैक्सीन की डोज ली थी.
दुनिया भर के वैज्ञानिक इस बात को समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ओमिक्रॉन किस तरह इतनी आसानी से फैल रहा है. ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, एक महीने के अंदर ओमिक्रॉन वैरिएंट UK में पूरी तरह हावी हो सकता है. सीडीसी ये समझने की कोशिश कर रहा है कि ये कोरोना वायरस के अन्य वैरिएंट की तुलना में हल्का होगा या फिर ये ज्यादा गंभीर साबित होगा. सीडीसी के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल ओमिक्रॉन के सभी लक्षण हल्के हैं. ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि यहां जितने लोग भी इस वैरिएंट से संक्रमित हैं, वो वैक्सीनेटेड हैं और ऐसे लोगों में बीमारी के हल्के लक्षण ही दिखते हैं.