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Omicron: ओमिक्रॉन भारत में इन महीनों में हो सकता है और खतरनाक, AIIMS डॉक्टर ने चेताया

ओमिक्रॉन देश के 12 राज्यों में दस्तक दे चुका है. ओमिक्रॉन के महाराष्ट्र में 54 केस मिल चुके हैं. वहीं दिल्ली इस मामले में दूसरे नंबर है. ओमिक्रॉन के 2 नए केस मिलने से नए वैरिएंट के राजधानी में अब तक कुल 24 मामले हो चुके हैं. एम्स में कम्यूनिटी मेडिसिन प्रोफेसर संजय राय का कहना है कि कोरोना के मामले कुछ महीनों में ज्यादा बढ़ सकते हैं.

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आने वाले महीनों में कोरोना के मामलों में उछाल आ सकता है
आने वाले महीनों में कोरोना के मामलों में उछाल आ सकता है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते मामले
  • दिल्ली में ओमिक्रॉन के 24 केस
  • और बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले

भारत में ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 6 महीनों के बाद रविवार को दिल्ली में कोरोना के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं. दिल्ली एम्स के एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना के मामलों में आई उछाल के पीछे ओमिक्रॉन वैरिएंट जिम्मेदार हो सकता है. दिल्ली में रविवार को कोरोना के 107 नए मामले सामने आए हैं. इसके अलावा, 10 दिनों के बाद कोरोना से एक मौत का मामला सामने आया है.

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वहीं, दिल्ली में ओमिक्रॉन के 2 नए केस मिलने से नए वैरिएंट के राजधानी में अब तक कुल 24 मामले हो चुके हैं. एम्स में कम्यूनिटी मेडिसिन प्रोफेसर संजय राय ने दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है.

प्रोफेसर राय ने कहा कि ओमिक्रॉन की संक्रामकता बहुत अधिक है और जब ये वैरिएंट अतिसंवेदनशील आबादी तक पहुंचता है, तो पहले तेजी से फैलता है और फिर धीरे-धीरे इसका ग्राफ नीचे की ओर जाने लगता है. भारत में महामारी की दूसरी लहर के दौरान की ऐसी ही स्थिति देखी गई थी. प्रोफेसर राय के अनुसार, किसी भी वायरस के लिए बहुत ज्यादा सर्दी और गर्मी में फैलना कठिन होता है लेकिन ठंड के संपर्क में आने से व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे वो वायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं.

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प्रोफेसर राय ने कहा, 'वायरस के लिए सबसे अच्छा तापमान 20 से 30 डिग्री के बीच होता है. इसलिए, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, फरवरी और मार्च इस वायरस के लिए अधिक अनुकूल महीने होते हैं. इन महीनों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है.'

क्या हैं ओमिक्रॉन संक्रमण के लक्षण?

अब तक के डेटा से पता चलता है कि कोरोना वायरस का ये वैरिएंट अब तक के पिछले वैरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है लेकिन कम गंभीर है. कोरोना के अब तक के लक्षणों की तुलना में इसके लक्षण भी हल्के हैं. हालांकि, ओमिक्रॉन के अब तक जितने भी मरीज मिले हैं, उनमें एक लक्षण (omicron symptoms) आम है और वो है गले में खराश.

दक्षिण अफ्रीका के डिस्कवरी हेल्थ के सीईओ डॉक्टर रेयान नोच ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि डॉक्टरों ने ओमिक्रॉन पॉजिटिव मरीजों के लक्षणों में थोड़ा अलग पैटर्न देखा है. इन सभी में संक्रमण का शुरुआती लक्षण गले में खराश था. इसके बाद नाक बंद होना, सूखी खांसी, मांसपेशियों और पीठ के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण पाए गए. डॉक्टर ने कहा कि ये सभी लक्षण हल्के हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि ओमिक्रॉन कम खतरनाक है.

ब्रिटेन में भी ओमिक्रॉन की वजह से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. वहां के हेल्थ एक्सपर्ट का भी कहना है कि ओमिक्रॉन पिछले कोरोना वायरस की तुलना में बहुत अलग व्यवहार कर रहा है. उन्होंने कहा, 'इस विशेष वायरस के लक्षण पिछले वेरिएंट से अलग हैं. बंद नाक, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और दस्त ऐसे लक्षण हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए.'

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