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'CoWIN पोर्टल पर बूस्टर डोज...' देश में बढ़ते कोरोना केस के बीच SII ने सरकार से की ये मांग

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (serum institute of india) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर कोवोवैक्स (COVOVAX) को कोविन (CoWIN) पोर्टल पर वयस्कों (18+) के लिए हेटेरोलोगस (विषम) बूस्टर डोज के तौर पर दर्ज करने की मांग की है. इस वैक्सीन को WHO और USFDA से भी अप्रूवल मिल चुका है.

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सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (फाइल फोटो)
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (फाइल फोटो)

दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र और झारखंड से लेकर छत्तीसगढ़ तक पूरे देश में कोरोना ने फिर पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. दो दिन पहले ही देश में कोरोना के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में अब तक सबसे ज्यादा हैं. संक्रमण ने अलग-अलग राज्यों के साथ केंद्र सरकार की चिंता भी बढ़ानी शुरू कर दी है. इस बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (serum institute of india) ने बूस्टर डोज को लेकर सरकार से एक मांग की है.

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सीरम इंस्टीट्यूट ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि कोवोवैक्स (COVOVAX) को कोविन (CoWIN) पोर्टल पर वयस्कों (18+) के लिए हेटेरोलोगस (विषम) बूस्टर डोज के तौर पर दर्ज किया जाए. पत्र 27 मार्च को SII के डायरेक्टर प्रकाश कुमार सिंह ने लिखा है.

तीसरे डोज के तौर पर इस्तेमाल

ठीक एक महीने पहले कोविड-19 वर्किंग ग्रुप भी कोवोवैक्स को हेटेरोलोगस (heterologous) बूस्टर डोज के तौर पर कोविन में शामिल करने की सिफारिश कर चुका है. इस ग्रुप का नेतृत्व डॉ. एनके आरोड़ा करते हैं. कोवोवैक्स का इस्तेमाल वयस्कों को दिए जाने वाले विषम बूस्टर डोज के तौर पर किया जाता है. यानी जो भी शख्स कोविशील्ड या कोवैक्सीन के दो डोज लगा चुका होगा, वह तीसरे (बूस्टर) डोज के रूप में कोवोवैक्स लगवा सकता है.

USFDA से भी मिल चुकी है मंजूरी

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ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 16 जनवरी को कोवोवैक्स को हेटेरोलोगस बूस्टर डोज के तौर पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी. SII की इस वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) से भी अप्रूवल मिल चुका है.

इस तरह मिलता गया अप्रूवल

DCGI ने 28 दिसंबर 2021 को आपातकालीन स्थिति में इसे वयस्कों पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी. इसके बाद  9 मार्च 2022 को इसे 12 से 17 साल के बच्चों पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई. इसके बाद 28 जून 2022 को 7 से 11 साल के बच्चों को इसका डोज दिए जाने की मंजूरी दी गई थी. इसके उपयोग पर कुछ शर्तें भी लगाई गई थीं.

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नोवावैक्स के साथ हुआ है करार

भारत में कोवोवैक्स का प्रोडक्शन SII करती है. कंपनी ने एक करार के तहत अमेरिकी वैक्सीन कंपनी नोवावैक्स से यह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की है. इसे यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने सशर्त मंजूरी दी है. 17 दिसंबर 2021 को WHO ने भी इसे आपात स्थिति में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी.

SII पर वैक्सीन सप्लाई की जिम्मेदारी

अगस्त 2020 में अमेरिकी कंपनी Novavax Inc. ने NVX-CoV2373 के डेवलपमेंट और कमर्शियलाइजेशन के लिए SII के साथ लाइसेंस समझौते का ऐलान किया था. भारत के साथ-साथ दूसरे कई कम आय वाले देशों में वैक्सीन की आपूर्ति का दारोमदार भी SII के ऊपर ही है. 

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2 अप्रैल को आए सबसे ज्यादा केस

SII के इस पत्र की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि देश में H3N2 इन्फ्लुएंजा मामलों के आंकड़ों में तेज बढ़ोतरी के बीच कोरोना मामलों की संख्या में भी वृद्धि देखी जा रही है. रविवार को देश में कोरोना के 3,824 नए मामले सामने आए थे. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक यह 2023 में एक दिन में सामने आने वाला सबसे बड़ा आंकड़ा था. वहीं, इसके अगले दिन सोमवार को देश में 3,641 नए मामले दर्ज किए गए थे.

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