बिहार सरकार भले ही प्रदेश में स्वास्थ व्यवस्था में सुधार की बात रही हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है. मुंगेर जिले के खरगपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली कटने के बाद जेनरेटर चालू नहीं किया जाता. यहां डॉक्टर और कर्मचारी मोबाइल की रोशनी में मरीजों का इलाज करना शुरू कर देते हैं.
(रिपोर्ट: गोविंद कुमार)
दरअसल, खरगपुर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोबाइल की रोशनी में डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों का इलाज करते हैं. मीडिया की टीम जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची तो देखकर हैरान रह गई. अस्पतालों के संबंध में बड़े-बड़े दावे के बीच दर्जनों मरीज मोबाइल की रोशनी में इलाज कराते नजर आए.
एक मरीज का सिर छत से फिसल कर फट गया था. जिसका इलाज रोशनी के अभाव में नहीं हो पा रहा था. अन्य मरीजों का इलाज भी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा मोबाइल की रोशनी में किया जा रहा था.
इस मामले में जब हवेली खरगपुर अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अखिलेश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कल रात में बिजली कट गई थी और जेनरेटर खराब हो जाने के कारण ऐसा हुआ.