समस्तीपुर में खेत में करंट लगने से तीन नील गाय की मौत हो गई. इससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई है. सब्जी के खेत में करंट दौड़ाने की वजह से ये हादसा हुआ. बताया जाता है कि मोरवा प्रखंड के चकपहार पंचायत में सब्जी की खेती करने वाले किसान नील गाय से फसल को बचाने के लिए खेत के चारों ओर लोहे के तार से घेरा बनाकर रात में करंट फ्लो कर देते हैं. (इनपुट- जहांगीर आलम)
इसी बीच, बीती रात चार नील गाय खेत की ओर चरते हुई आईं. करंट लगने से तीन नील गाय की मौत हो गई. सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग नाराज हो गए. लोगों ने नील गाय के मरने की सूचना वन विभाग के पदाधिकारियों को दी.
वन विभाग की टीम मृत नील गाय का पोस्टमार्टम कराने की बात कही. इस बीच गांव में पंचायत बैठाई गई. उसके बाद यह निर्णय लिया गया कि तीनों नील गाय को दाह संस्कार के साथ यहीं पास के खाली जमीन में दफना दिया जाए.
गांव वालों ने एक जेसीबी मशीन मंगवाई और तीनों नील गाय को जेसीबी की मदद से दफना दिया गया. नील गाय को मारने पर रोक नही है. लेकिन अब सवाल उठता है कि क्या किसी पशुओं को गलत तरीके से बिजली के करंट से मारना उचित है. जिस तरह से अवैध रूप से खेत मे बिजली का करंट दौड़ाया गया था. अगर इसकी चपेट में कोई इंसान आ जाता तो आप समझ सकते है कि कितनी बड़ी घटना हो सकती थी.